महागठबंधन ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है, जिसे बिहार का तेजस्वी प्रण नाम दिया गया है। इस घोषणा पत्र में सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया है।
अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए नए कानून और आरक्षण की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है। घोषणा पत्र में कुल 20 वादे हैं, जिनमें से 10 विशेष रूप से सामाजिक न्याय, आरक्षण और वंचित वर्गों (EBC, SC, ST, OBC) के अधिकारों को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।
महागठबंधन के 10 प्रमुख वादे:
EBC आरक्षण में वृद्धि: पंचायत और नगर निकाय चुनावों में अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए आरक्षण को 20% से बढ़ाकर 30% किया जाएगा।
50% आरक्षण सीमा खत्म करने की मांग: संविधान की 9वीं अनुसूची में 50% आरक्षण की सीमा खत्म करने वाले कानून को शामिल करने की मांग की जाएगी।
एससी-एसटी एक्ट की तरह कानून: अति पिछड़ा वर्ग के लोगों पर होने वाले अत्याचारों को रोकने के लिए अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून बनाया जाएगा।
नॉट फाउंड सूटेबल (NFS) व्यवस्था खत्म: सरकारी नौकरियों में इस्तेमाल होने वाली नॉट फाउंड सूटेबल (NFS) व्यवस्था को समाप्त किया जाएगा।
भूमिहीन परिवारों को जमीन: सभी भूमिहीन EBC, SC, ST और OBC परिवारों को गांव में 5 डिसमिल और शहर में 3 डिसमिल जमीन दी जाएगी।
EBC सूची की समीक्षा: अति पिछड़ा वर्ग की सूची की समीक्षा के लिए एक विशेष कमेटी बनाई जाएगी।
निजी स्कूलों में आरक्षण: निजी स्कूलों में आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा EBC, SC, ST और OBC बच्चों को दिया जाएगा।
सरकारी ठेकों में भागीदारी: ₹25 करोड़ तक के सरकारी ठेकों में वंचित वर्गों (EBC, SC, ST, OBC) को 50% भागीदारी दी जाएगी।
निजी शिक्षण संस्थानों में आरक्षण: राज्य के निजी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में भी आरक्षण व्यवस्था लागू किया जाएगा।
स्वतंत्र प्राधिकरण द्वारा निगरानी: आरक्षण व्यवस्था की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण का गठन किया जाएगा। साथ ही आरक्षण में किसी भी बदलाव के लिए विधानसभा की मंजूरी अनिवार्य होगी।
सबसे बड़ा वादा: 20 महीने में सरकारी नौकरी
बिहार का तेजस्वी प्रण की सबसे बड़ी घोषणा है कि 20 महीने के भीतर हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। तेजस्वी यादव ने ऐलान किया है कि इस सरकारी नौकरी के लिए 20 दिन के अंदर एक अधिनियम (Act) बनाया जाएगा।
महिलाओं और संविदा कर्मियों पर फोकस
घोषणा पत्र में युवाओं, महिलाओं, किसानों, संविदा कर्मियों और पुराने पेंशनधारी परिवारों को भी कुछ देने की बात कही गई है। माई-बहिन योजना के तहत हर महीने ₹2500 का भत्ता दिया जा सकता है। महिलाओं के लिए ₹500 में गैस सिलेंडर देने का ऐलान भी हो सकता है। 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा भी संभव है।
पटना में महागठबंधन के सभी सहयोगी दलों की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा पत्र जारी किया गया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और सीपीआई माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य ने भी अपने विचार रखे।
दीपांकर भट्टाचार्य ने आश्वासन दिया कि जो वादे किए गए हैं, वे पूरे करने लायक हैं और पूरे किए जाएंगे।
महागठबंधन का गणित
महागठबंधन में आरजेडी, कांग्रेस, लेफ्ट के तीन दल, वीआईपी और आईपी गुप्ता का दल शामिल हैं। तेजस्वी यादव को पहले ही सीएम फेस घोषित कर दिया गया है, जबकि वीआईपी चीफ मुकेश सहनी डिप्टी सीएम चेहरा हैं।
सीटों के बंटवारे के तहत, RJD 143 सीटों पर, कांग्रेस 62 सीटों पर और वीआईपी 15 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि सीपीआई-माले 20, सीपीएम 6 और सीपीआई 4 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
एनडीए पर निशाना
घोषणापत्र जारी करते समय तेजस्वी ने एनडीए पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी के लोगों और भ्रष्ट अधिकारियों ने नीतीश कुमार को पुतला बनाकर रखा है। वहीं, एनडीए दल हर परिवार में एक सरकारी नौकरी के वादे पर सवाल उठा रहे हैं।
*#WATCH पटना, बिहार | आगामी बिहार चुनाव 2025 के लिए महागठबंधन ने बिहार का तेजस्वी प्रण शीर्षक से अपना घोषणापत्र जारी किया। pic.twitter.com/Zab5mKLIcR
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 28, 2025
INS तारागिरी: समंदर में भारत की नई आंधी, दुश्मन के रडार को चकमा देने वाला स्टेल्थ योद्धा तैयार
समंदर में भारत की नई दहाड़: INS तारागिरी से बढ़ी चीन-पाक की बेचैनी
वायरल वीडियो का सच: क्या पीएम मोदी से जनता ने मांगी गैस? जानिए वायरल दावे की सच्चाई
IPL 2026: दिल्ली में कल मैच का रोमांच, लेकिन इन रास्तों पर भारी जाम का अलर्ट
रामायण में सीता बनीं साई पल्लवी पर फिदा हुए रणबीर कपूर, बोले- इनसे बेहतर कोई नहीं!
कानपुर का किडनी कांड : 50 हजार के विवाद ने खोला 60 अवैध ऑपरेशनों का काला राज
भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा: अब ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले बदल सकेंगे अपना बोर्डिंग स्टेशन
किताबों से लेकर यूनिफॉर्म तक: प्राइवेट स्कूलों के लूट तंत्र का पर्दाफाश, देशभर में मचा हड़कंप
धरती पर कयामत का मंजर: ग्रीस का आसमान अचानक क्यों हो गया खूनी लाल?
पुल और इमारतें दोबारा बन जाएंगी, लेकिन अमेरिका की साख हमेशा के लिए मिट्टी में मिल गई