अंधेरे में डूबा अनुपम गार्डन, नशेड़ियों का अड्डा! पुलिस की कार्रवाई से हुआ खुलासा
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रायपुर। राजधानी रायपुर का अनुपम गार्डन, जिसे महावीर पार्क के नाम से भी जाना जाता है, अब नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। कभी यह जगह लोगों के लिए सुकून का स्थान थी। गार्डन में पर्याप्त रोशनी न होने और निगरानी की कमी के कारण, शाम ढलते ही यहां नशे का कारोबार शुरू हो जाता है।

यह स्थिति गार्डन की छवि को धूमिल कर रही है, साथ ही यहां घूमने आने वाले बुजुर्गों, बच्चों और परिवारों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही है।

अनुपम गार्डन, जो महावीर पार्क के नाम से भी जाना जाता है, रायपुर शहर के प्राचीन उद्यानों में से एक है। बुजुर्ग बताते हैं कि उनका बचपन इसी गार्डन में बीता। यह गार्डन रायपुर शहर की पहचान और धरोहर माना जाता है।

पिछले कुछ वर्षों से गार्डन का माहौल बदल रहा है। अंधेरे के कारण असामाजिक तत्वों को छिपने और गतिविधियों को अंजाम देने का मौका मिल रहा है। धीरे-धीरे, यह गार्डन नशे के सौदागरों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया है।

तीन दिन पहले थाना सरस्वती नगर पुलिस ने गुप्त सूचना पर अनुपम गार्डन में दबिश दी। पुलिस ने कुछ असामाजिक तत्वों को पकड़ा, जो अंधेरे का फायदा उठाकर नशे का सेवन और आपराधिक गतिविधियों की योजना बना रहे थे।

आरोपियों के पास से धारदार हथियार भी बरामद हुए। इस कार्रवाई ने स्थानीय लोगों की आशंका को सही साबित कर दिया कि गार्डन अब असुरक्षित होता जा रहा है।

गार्डन में घूमने और व्यायाम करने आने वाले लोग शाम ढलने के बाद खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते। बुजुर्ग और महिलाएं अकेले टहलने से कतराने लगी हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि गार्डन में पर्याप्त लाइटिंग और सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तो आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सकती है। इसके अलावा, गार्डन में नियमित रूप से पुलिस गश्त भी जरूरी है।

गार्डन के रख-रखाव की स्थिति भी चिंता का विषय है। बच्चों के खेलने और बुजुर्गों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, गंदगी और टूटे हुए बेंच भी हैं।

स्थानीय लोग मानते हैं कि यदि नगर निगम और प्रशासन मिलकर गार्डन का पुनर्विकास करें, लाइटिंग, सुरक्षा गार्ड और कैमरों की व्यवस्था करें तो यह गार्डन फिर से रायपुर शहर की शान बन सकता है।

सरस्वती नगर पुलिस की कार्रवाई से लोगों को राहत मिली है, लेकिन उनका कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है। गार्डन को सुरक्षित बनाने के लिए निरंतर कार्रवाई और निगरानी की जरूरत है।

पुलिस प्रशासन को गार्डन में रोजाना गश्त बढ़ानी चाहिए और संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगानी चाहिए। साथ ही, नगर निगम को भी गार्डन की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

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