क्या ट्रंप ने अमेरिका को मंदी में धकेल दिया? विशेषज्ञ ने बताई वजह
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अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की टैरिफ़ नीति दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है. ट्रंप का दावा है कि यह कदम विदेशों में अमेरिकी सामानों पर अनुचित टैरिफ़ के खिलाफ है. लेकिन आलोचक और वैश्विक नेता इसे अमेरिका के लिए फायदेमंद नहीं, बल्कि नुकसानदेह बता रहे हैं.

जाने-माने जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर ने भी ट्रंप की व्यापार नीति की कड़ी आलोचना की है. उनका कहना है कि ट्रंप टैरिफ़ के जरिए बाकी देशों को अमेरिका के खिलाफ खड़ा कर रहे हैं.

ब्रेमर के अनुसार, डॉनल्ड ट्रंप ने मैक्सिको, कनाडा और यूरोपीय सहयोगियों को अमेरिका के खिलाफ एकजुट कर दिया है. उनका मकसद दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त बाजार बनना है, लेकिन उनकी नीति धीरे-धीरे अमेरिका के चारों तरफ टैरिफ़ की दीवार खड़ी कर रही है.

ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ़ (जवाबी टैरिफ़) पर कई देशों ने नाराजगी जताई है. चीन ने अमेरिकी निर्यात पर 34 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ़ लगाया है. दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच चल रहे इस ट्रेड वॉर पर ब्रेमर ने चेतावनी दी है कि इससे खतरा बढ़ता जाएगा. उन्होंने कहा कि अब चीन वही रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगा रहा है, जिसकी ट्रंप बात करते हैं. ऐसे में सभी देश एक-दूसरे पर टैरिफ़ बढ़ाते जाएंगे.

टैरिफ़ को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण अमेरिका में मंदी की आशंका भी बढ़ गई है. ब्रेमर के मुताबिक, इस साल अमेरिका के मंदी में फंसने की संभावना दोगुनी या तिगुनी हो गई है, यानी 60 प्रतिशत तक. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस जोखिम को ट्रंप ने खुद से पैदा किया है. अमेरिकी अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत थी, लेकिन सिर्फ दो महीनों में एक व्यक्ति ने अपने फैसलों के आधार पर यह स्थिति पैदा कर दी है कि अमेरिका मंदी में चला जाएगा.

ब्रेमर का मानना है कि भारत भी इस ट्रेड वॉर के असर से अछूता नहीं रहेगा. उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता और डिफेंस-टेक को लेकर संबंधों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ट्रंप भारत को भी नहीं छोड़ेंगे. यह भारत के लिए भी अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि इससे भारत की आर्थिक वृद्धि प्रभावित होगी और उसे उन अमेरिकियों से दबना पड़ेगा जिनके साथ उसे साझेदारी करनी चाहिए.

गौरतलब है कि अमेरिका ने दुनिया के देशों पर 49 प्रतिशत तक का टैरिफ़ लगाया है. सबसे अधिक टैरिफ़ (49 प्रतिशत) कंबोडिया पर लगाया गया है, जबकि लाओस पर 48 प्रतिशत और मेडागास्कर पर 47 प्रतिशत का टैक्स लगाया गया है.

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