हार्दिक पांड्या नहीं, इस दिग्गज के कहने पर रिटायर्ड आउट हुए थे तिलक वर्मा!
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तिलक वर्मा के रिटायर्ड आउट होने की खूब चर्चा हो रही है, और प्रशंसक मुंबई इंडियंस के इस फैसले की कड़ी आलोचना कर रहे हैं। यह फैसला तब लिया गया जब तिलक बल्लेबाजी में संघर्ष करते हुए नजर आ रहे थे।

अंतिम ओवरों में जब टीम को बड़े हिट चाहिए थे, तब तिलक ऐसा करने में असफल हो रहे थे। उन्होंने 25 रन बनाए, लेकिन इसके लिए 23 गेंदें खेलीं। नतीजा, लखनऊ सुपर जायंट्स 12 रनों से मुकाबला जीत गई।

हालांकि, तिलक के रिटायर्ड आउट का फैसला कप्तान हार्दिक पांड्या का नहीं था, जिसका खुलासा मैच के बाद हुआ। 204 रनों का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब हुई थी।

रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में विल जैक्स (5) और रयान रिकेल्टन (10) ने पारी की शुरुआत की, लेकिन दोनों बल्लेबाज 17 के स्कोर पर पवेलियन लौट गए। इसके बाद नमन धीर ने 24 गेंदों में 46 रन बनाए, जिसमें उन्होंने 3 छक्के और 4 चौके जड़े। उन्होंने सूर्या के साथ तीसरे विकेट के लिए 69 रनों की साझेदारी की।

सूर्यकुमार यादव ने 43 गेंदों में 1 छक्के और 9 चौकों की मदद से 67 रन बनाए। उन्होंने तिलक वर्मा के साथ 66 रन जोड़े, लेकिन खुद बड़े शॉट लगाने में असफल रहे।

टीम को 24 गेंदों में 52 रन जीत के लिए चाहिए थे, लेकिन 17वें ओवर की पहली ही गेंद पर सूर्या आउट हो गए। इसके बाद हार्दिक पांड्या आए। तिलक वर्मा सेट बल्लेबाज थे, लेकिन बावजूद इसके वह बड़े हिट नहीं लगा पा रहे थे। 19वें ओवर की पांचवीं गेंद पर तिलक वर्मा रिटायर्ड आउट होकर बाहर चले गए।

मुंबई इंडियंस के हेड कोच महेला जयवर्धने ने मैच के बाद कबूला कि तिलक वर्मा को रिटायर्ड आउट करने का फैसला किसी और का नहीं बल्कि उनका ही था। जब वर्मा बाहर गए तब मुंबई को जीत के लिए 7 गेंदों में 24 रन चाहिए थे।

जयवर्धने ने मैच के बाद कहा, तिलक बस रन बनाना चाहता था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। हमने आखिरी कुछ ओवरों तक इंतजार किया। उसने मैदान पर कुछ समय बिताया था, इसलिए उन्हें उन गेंदों पर बड़े हिट मारने में सफल होना चाहिए था। मुझे लगा कि अंत में नए बल्लेबाजों को खेलने आना चाहिए, वह (तिलक वर्मा) संघर्ष कर रहे थे।

हार्दिक पांड्या ने तिलक वर्मा को लेकर कहा कि, हमें कुछ हिट की जरूरत थी, वह उन्हें नहीं मिल पा रही थी। क्रिकेट में कुछ ऐसे दिन आते हैं, जब आप कोशिश करते हैं लेकिन सफल नहीं हो पाते। बस अच्छा क्रिकेट खेलो, मैं इसे सरल रखना पसंद करता हूं। बेहतर फैसले लो, गेंदबाजी में होशियार रहो, बल्लेबाजी में मौके लो। यह एक लंबा टूर्नामेंट है, आपको कुछ जीत मिलती है और आप लय में आ जाते हैं।

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