अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर रेसिप्रोकल टैरिफ़ लगाने की घोषणा की है. इसे डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ का नाम दिया गया है.
लगभग 100 देशों की एक सूची जारी की गई है, जिन पर यह डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ लागू होगा. इसके तहत, जिन देशों पर टैरिफ़ लगाया गया है, वह अमेरिका पर उन देशों के लगाए गए टैरिफ़ से आधा या लगभग आधा है. हालांकि, कुछ देशों पर उतना ही टैरिफ़ लगाया गया है जितना उन्होंने अमेरिका पर लगाया है. इसके अलावा, 10 फीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ भी लगाया गया है.
टैरिफ़ की घोषणा करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, आज लिबरेशन डे है, जिसका अमेरिका लंबे समय से इंतजार कर रहा था. उन्होंने कहा, आज का दिन अमेरिकी उद्योग के पुनर्जन्म और अमेरिका के फिर से समृद्ध बनने के तौर पर याद किया जाएगा. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का फायदा उठाया गया और उसे विदेशियों ने लूट लिया है.
ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के जरिए इस टैरिफ़ को लागू किया है.
भारत पर 26 फीसदी डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ की घोषणा की गई है. व्हाइट हाउस के मुताबिक, भारत अमेरिका पर 52 फीसदी टैरिफ़ लगाता है. टैरिफ़ की घोषणा करते हुए ट्रंप ने भारत का जिक्र करते हुए कहा, प्रधानमंत्री (मोदी) कुछ ही दिन पहले ही यहां से गए हैं और वो मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं, पर मैंने उनसे कहा कि आप मेरे दोस्त हैं लेकिन आप हमारे साथ सही नहीं कर रहे.
विदेशों में निर्मित सभी ऑटोमोबाइल्स पर 25 फीसदी का टैरिफ़ लगाया गया है, जो कि अमेरिकी समयानुसार आज रात (बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात) 12 बजकर एक मिनट से लागू हो जाएगा. इसके अलावा, सभी देशों पर 10 फीसदी का बेसलाइन टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार पांच अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू होगा, जबकि 10 फीसदी से अधिक टैरिफ़ अमेरिकी समयानुसार 9 अप्रैल रात 12 बजकर एक मिनट से लागू होगा.
टैरिफ़ की घोषणा के बाद शेयर मार्केट में गिरावट दर्ज की गई है. डिस्काउंटेड रेसिप्रोकल टैरिफ़ से दुनिया भर में आर्थिक तौर पर उथल-पुथल मचने की आशंका है. एशिया-पैसिफ़िक देशों के शेयर बाज़ारों में गिरावट देखने को मिली है. जापान के शेयर बाज़ार में चार फीसदी और ऑस्ट्रेलिया के शेयर बाज़ार में दो फीसदी की गिरावट आई है. सोने की कीमत भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई है.
बेसलाइन टैरिफ़ वाले कुछ देश: ब्रिटेन, सिंगापुर, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, तुर्की, कोलंबिया, अर्जेंटीना, अल सेल्वाडोर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब हैं.
सबसे ज़्यादा टैरिफ़ वाले कुछ देश: यूरोपीय संघ (20%), चीन (34%), वियतनाम (46%), थाईलैंड (36%), जापान (24%), कोलंबिया (49%), दक्षिण अफ़्रीका (30%) और ताइवान (32%) हैं.
कनाडा और मेक्सिको को इन नई टैरिफ़ घोषणाओं में शामिल नहीं किया गया है.
राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि अमेरिका विदेशों में निर्मित गाड़ियों पर 25% शुल्क लगा रहा है.
अनुमान है कि कई कारें 4,000 से 10,000 डॉलर तक महंगी हो जाएंगी. बीयर, व्हिस्की और टकीला जैसे ड्रिंक्स भी महंगे हो जाएंगे. यूरोपीय संघ से आने वाली शराब पर भी 200 फीसदी टैरिफ़ लगाया गया है. ईंधन, मेपस सिरप, एवोकाडो आदि भी महंगे बिकेंगे.
इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी टैरिफ़ को गलत बताया है और कहा है कि इससे व्यापार युद्ध छिड़ सकता है. ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने कहा कि टैरिफ अप्रत्याशित नहीं हैं, लेकिन वे पूरी तरह से अनुचित हैं.
अमेरिकी ट्रेज़री सैक्रेटरी स्कॉट वेसेंट ने चेतावनी दी है कि टैरिफ़ के जवाब में कोई देश अमेरिका पर शुल्क की घोषणा न करे.
FULL LIST: Liberation Day pic.twitter.com/ZBiRuJBCAr
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 2, 2025
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