आर्चर बने खलनायक, डी कॉक से किया खेल, वरना मन जाता शतक का जश्न!
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गुवाहाटी के मैदान पर क्विंटन डी कॉक का बल्ला राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खूब गरजा। उन्होंने नाबाद 97 रन बनाए और अपनी टीम को 8 विकेट से शानदार जीत दिलाई।

डी कॉक शतक भी बना सकते थे, अगर आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने उनके साथ धोखा नहीं किया होता।

कोलकाता को जब जीत के लिए 18 रनों की दरकार थी, तब जोफ्रा के सामने डी कॉक आए। डी कॉक ने पहली गेंद पर चौका और दूसरी पर छक्का जड़ा। इससे डी कॉक शतक की ओर बढ़ते दिखे। वे 91 रन पर थे जबकि टीम को सिर्फ 7 रनों की आवश्यकता थी।

लेकिन यहीं जोफ्रा ने धोखेबाजी की। उन्होंने दो वाइड गेंदें फेंक दीं, जिससे जीत के लिए केवल 5 रन बचे और डी कॉक को शतक के लिए 9 रनों की जरूरत रह गई।

डी कॉक ने छक्का लगाकर अपना स्कोर 97 कर लिया, पर शतक पूरा नहीं कर पाए। अगर गेंद वाइड न होती, तो वे चौका और छक्का लगाकर शतक पूरा कर सकते थे।

पिछले मैच में पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर भी शतक पूरा नहीं कर पाए थे। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबले में आखिरी ओवर की शुरुआत तक श्रेयस 97 रन बना चुके थे, लेकिन स्ट्राइक पर खड़े शशांक सिंह ने पांच चौके लगाए, जिससे श्रेयस को स्ट्राइक ही नहीं मिली और वे शतक पूरा नहीं कर पाए।

मैच खत्म होने के बाद क्रिकेट प्रशंसकों ने शशांक पर गुस्सा निकाला था। इसी तरह डी कॉक का शतक पूरा न होने पर फैंस ने जोफ्रा आर्चर की जमकर आलोचना की।

अपनी शानदार पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच बने डी कॉक ने नई फ्रेंचाइजी में आने पर कहा कि उन्हें नए लोगों से मिलना और नए माहौल में रहना पसंद है। यह टीम के भीतर अपने पैर जमाने के बारे में है। कभी-कभी टीम आपको बाद में स्वीकार करती है, लेकिन यहां केकेआर ने उन्हें पहले ही खुले दिल से स्वीकार कर लिया है, इसलिए यह अच्छा लग रहा है।

इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद चुनौतियों पर बात करते हुए डी कॉक ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो अभी तक कोई चुनौती महसूस नहीं हुई है। उन्हें 3 महीने की छुट्टी मिली है, जो अच्छी है। इस सीजन के लिए लगभग 10 दिन की तैयारी थी। यह उनका दूसरा गेम है, और वह बस इसे अपने तरीके से ले रहे हैं।

मैच की बात करें तो कोलकाता नाइट राइडर्स के सलामी बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक ने गुवाहाटी के मैदान पर अपने शानदार प्रदर्शन से राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ अपनी टीम को 8 विकेट से जीत दिलाई।

कोलकाता को सिर्फ 152 रन का लक्ष्य मिला था, क्योंकि राजस्थान की ओर से कप्तान पराग ने 25 और ध्रुव ज्यूरेल ने 33 रन ही बनाए थे। जवाब में डी कॉक ने 61 गेंदों पर 8 चौके और 6 छक्कों की मदद से 97 रन बनाए, तो रघुवंशी ने 17 गेंदों पर 22 रन बनाकर अपनी टीम को जीत दिला दी।

पिछले मुकाबले में भी श्रेयस अय्यर 97 पर नाबाद रहे थे और उनकी टीम जीत गई थी। डी कॉक के साथ भी ऐसा ही हुआ। डी कॉक ने आखिरी ओवर में जरूर 16 रन बनाए, लेकिन जोफ्रा आर्चर ने दो वाइड फेंककर उनके शतक को अधूरा छोड़ दिया।

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