ये दस व्यायाम देंगे आपको एक सुरक्षित प्रसव
News Image

सभी जानते हैं कि मातृत्व की राह गर्भावस्था के साहसिक काल से गुज़रती है, हर स्त्री इस अवधि में जो संयम और कष्ट को निभाती है उससे पूरी दुनिया अपरिचित है, अधिकतर महिलाएं कमज़ोरी के कारणों से इस अवधि में सक्रिय नहीं रह पाती जिसके कारण उनके शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, और यह प्रभाव गर्भस्थ शिशु पर भी पड़ सकता है, ऐसे में यह आवश्यक हो जाता है कि यदि आप गर्भवती हैं को अपने शरीर को जाम ना होने दें |

व्यायाम से गर्भावस्था में होने वाली कॉम्प्लीकेशन से बचा जा सकता है जैसे कि प्री- एक्लेम्पसिया। इतना ही नही गर्भावस्था में व्यायाम करने से नार्मल डिलिवरी होने के चांस बढ़ जाते हैं और इससे प्रसव पीढ़ा सहने की भी शक्ति मिलती है।आज हम आपको कुछ ऐसे व्यायाम बता रहे हैं जो , न सिर्फ आपके शरीर को स्थिर होने से बचाएगा बल्कि आपके और आपके शिशु के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी होगा गर्भावस्था में व्यायाम करना अच्छा है साथ ही सुरक्षित भी है। शुरुवात में गर्भवती महिला को हफ्ते में दो या तीन दिन, 15 मिनट तक के लिए व्यायाम करना चाहिए। इसके बाद धीरे धीरे अपनी क्षमता के अनुसार समय और अवधि बढ़ाई जा सकती है। शुरू के तीन महीने में लो इम्पैक्ट एरोबिक्स, योगा, वेट ट्रेनिंग, स्ट्रेचिंग आदि आसानी से की जा सकती हैं।

1- लो इम्पैक्ट एरोबिक्स से शरीर में भ्रूण को पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त होती है। हीमोर्रोइड्स और फ्लूइड रीटेंसन जैसी समस्याएं नहीं होती साथ ही मांसपेशियां मजबूत होती हैं। इसके साथ ही अतिरिक्त वजन कम होता है व नींद अच्छी मिलती है

2- टहलना रोज लगभग 30 मिनट टहलने से शरीर व भ्रूण पे अच्छा प्रभाव पड़ता है,जिससे डिलिवरी के बाद वापस जल्दी शेप में आया जा सकता है। मगर प्रतिकूल मौसम में बाहर न टहलें, घर में टहलने को प्राथमिकता दें

3- स्विमिंग - तैरने से कार्डियो वैस्कुलर वर्कआउट हो जाता है। यह नार्मल डिलीवरी में सहायक है। तैराकी सप्ताह में 2 या 3 तीन दिन से ज्यादा न करें अधिकतम पंद्रह मिनट तैरें

4- इंडोर साइकिलिंग यह एक लोकप्रिय व्यायाम है , इससे मांसपेशियां लचीली बनी रहती हैं और शरीर सक्रिय रहता है , साथ ही शेप भी नही बिगड़ती

5- योग गर्भवस्था में योग मानसिक राहत भी पहुंचता है , आप हल्का हल्का कपालभाति करें ,यह श्वसन को बेहतर बनाने में लाभदायक है साथ ही तनाव भी कम होता है। योग करने से गर्भवती महिला ज्यादा एनर्जेटिक और संतुष्ट महसूस करती है।

6- पिलेट्स: इससे मांसपेशियों व शरीर को मजबूती मिलती है। यदि कमर दर्द है तो उससे राहत मिलती है। साथ ही डिलीवरी के बाद वजन भी जल्द ही कम होता है

7- स्ट्रेचिंग गर्भधारण काल में सामान्य स्ट्रेचिंग सुरक्षित मानी जाती है। आप बस हल्की हल्की स्ट्रेचिंग करें जिससे शरीर पर अधिक खिंचाव ना आये। इसे एक दिन में कई बार किया जा सकता है।

8- नमस्कार आसन: ये मन की शांति और शरीर में आक्सीजन को प्रभि रूप से फैलाने में सहायक होते हैं | आप ओम के उच्चारण के साथ मैडिटेशन भी करें

9- लेटकर किया जाने वाला व्यायाम: इनमें शवासन आदि प्रमुख हैं , साथ ही साधारण हाथ पैरो को साइकिलिंग करते हुए किया जा सकता है

10- साधारण व्यायाम : सुबह सुबह बच्चो के स्कूल में होने वाली पी टी की तरह आप भी इस समय में , व्यायाम कर सकती हैं, यी आपको दिन भर ऊर्जावान बनाये रखेगा

Note- गर्भावस्था के दौरान घुड़सवारी, पहाड़ की चढ़ाई, खेल और कठोर और भारी व्यायाम बिलकुल न करें - व्यायाम के बाद एकदम सुस्ती लगे,बेहोशी छाये, धुंधला दिखाई दे, वेजाइना से खून आये, कमर, पेट या पेलविक में दर्द हो,सांस छोटी आये तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

IND VS SL: गाले में बारिश का साया, क्या धुल जाएगा भारत-श्रीलंका का पहला टेस्ट?

Story 1

श्रीलंका दौरे पर किसकी चमकेगी किस्मत? डेब्यू के लिए इन 3 खिलाड़ियों में छिड़ी जंग

Story 1

ED के दिग्गज़ राहुल नवीन को मिला एक साल का एक्सटेंशन, 2027 तक बरकरार रहेगी कमान

Story 1

टीम इंडिया में सरफराज खान की वापसी, दलीप ट्रॉफी से हुए बाहर; जानें क्या है बड़ी वजह

Story 1

Realme 16x 5G: 7,000mAh की दमदार बैटरी और कम कीमत, जानें कब होगा लॉन्च

Story 1

हाथी को हॉर्न से डराने की कोशिश: जंगल में महिला की खतरनाक हरकत का वीडियो वायरल

Story 1

मोहम्मद सिराज का तूफानी अंदाज: अभ्यास मैच की आखिरी ओवर में जड़े लगातार तीन छक्के, भारत की शानदार जीत

Story 1

खतरों के खिलाड़ी 15: पहले ही हफ्ते बाहर हुए विशाल आदित्य सिंह, फैंस ने की वापसी की मांग

Story 1

सावधान! कहीं खाली न हो जाए आपका PF खाता, EPFO ने जारी किया बड़ा अलर्ट

Story 1

अरामको पर हूती हमला: मिडिल ईस्ट में फिर भड़का बारूद, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर