मिडटर्म चुनाव में करारी हार के बाद ट्रंप का बड़ा दांव: सुसी वाइल्स की छुट्टी, स्टीफन मिलर बने व्हाइट हाउस के नए बॉस
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अमेरिकी राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी व्हाइट हाउस टीम को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स अपना पद छोड़ रही हैं और उनकी जगह कट्टर समर्थक स्टीफन मिलर लेंगे।

9 नवंबर से मिलर संभालेंगे कमान

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जानकारी दी कि वर्तमान डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर 9 नवंबर से चीफ ऑफ स्टाफ की मुख्य जिम्मेदारी संभालेंगे। ट्रंप ने मिलर को अपना बेहद भरोसेमंद सलाहकार बताया है। मिलर लंबे समय से ट्रंप की इमिग्रेशन और सीमा सुरक्षा नीतियों के मास्टरमाइंड रहे हैं।

सुसी वाइल्स की विदाई, आगे की राह

सुसी वाइल्स इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला थीं। ट्रंप ने उनके काम की सराहना करते हुए कहा कि वाइल्स अब व्हाइट हाउस छोड़कर उनके राजनीतिक संगठन के साथ मिलकर काम करेंगी। वाइल्स ने 2016 और 2024 के राष्ट्रपति अभियानों में अहम भूमिका निभाई थी। गौरतलब है कि इस साल की शुरुआत में उन्होंने अपने कैंसर से जंग जीतने की जानकारी दी थी।

मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार

यह प्रशासनिक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर लिया है। महंगाई, जीवनयापन की लागत और ट्रंप की टैरिफ नीतियां इस हार का मुख्य कारण बनीं। अब ट्रंप के लिए अपने बचे हुए कार्यकाल में किसी भी विधायी एजेंडे को पास करना बड़ी चुनौती होगी।

कौन हैं स्टीफन मिलर?

स्टीफन मिलर 2016 से ट्रंप के सबसे करीबी नीति सलाहकारों में गिने जाते हैं। वे अपने सख्त इमिग्रेशन और निर्वासन (deportation) नीतियों के लिए जाने जाते हैं। चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में अब वह व्हाइट हाउस के दैनिक कामकाज और राष्ट्रपति के नीतिगत निर्णयों के बीच समन्वय का मुख्य केंद्र होंगे।

न्याय विभाग में भी इस्तीफों का दौर

चुनावी नतीजों के बाद ट्रंप प्रशासन में हड़कंप का माहौल है। न्याय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जैसे जॉन आइजनबर्ग और हरमीत ढिल्लों सहित कई लोगों ने इस्तीफा दे दिया है। हालांकि इन इस्तीफों के पीछे के कारणों पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन इसे पार्टी की हार से जोड़कर देखा जा रहा है।

प्रशासन पर बढ़ेगी संसदीय निगरानी

कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का बहुमत होने से अब ट्रंप प्रशासन की मुश्किलें बढ़ना तय है। विपक्षी सांसद अब राष्ट्रपति के फैसलों और उनके कारोबारी हितों की संसदीय जांच करने की तैयारी में हैं। ऐसे में स्टीफन मिलर की नियुक्ति को ट्रंप की तरफ से एक डिफेंसिव और आक्रामक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

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