अभी हाल ही में चक्रवात अर्नब का असर थमा ही था कि बंगाल की खाड़ी ने फिर से करवट ले ली है। भारतीय मौसम उपग्रह INSAT-3DS ने समुद्र में एक नए और संगठित मौसमी सिस्टम की हलचल कैद की है, जिसने मौसम विभाग को सतर्क कर दिया है।
ISRO की तस्वीरों में दिखी घनी बादलों की परत 31 अक्टूबर की सुबह इसरो (ISRO) द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के ऊपर बादलों का एक विशाल और संगठित समूह दिखाई दे रहा है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बेहद तीव्र गतिविधियां दर्ज की गई हैं, जो भविष्य में एक बड़े तूफान का संकेत हो सकती हैं।
29 अक्टूबर से शुरू हुई हलचल मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम 29 अक्टूबर को दक्षिण अंडमान सागर में एक कम दबाव के क्षेत्र के रूप में उत्पन्न हुआ था। धीरे-धीरे यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए अब अधिक शक्तिशाली होता जा रहा है।
अगले 24 घंटों में चक्रवात में बदलने की आशंका IMD के अनुसार, यह सिस्टम अगले 6 घंटों के भीतर डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है और अगले 24 घंटों में यह एक पूर्ण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद इसकी दिशा आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर होने की संभावना है।
अंडमान से आंध्र प्रदेश तक अलर्ट फिलहाल, अंडमान सागर में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। वहीं, जैसे-जैसे यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा, आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। यहां तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।
क्या है डिप्रेशन का मतलब? मौसम विज्ञान में डिप्रेशन का मतलब है कि अब हवाएं और अधिक संगठित हो गई हैं। इससे समुद्र में हलचल बढ़ जाती है और बारिश का दायरा भी फैल जाता है। अभी तक इसे आधिकारिक तौर पर चक्रवात घोषित नहीं किया गया है, लेकिन मौसम विभाग लगातार सैटेलाइट डेटा और समुद्र की सतह के तापमान पर नजर बनाए हुए है।
3 नवंबर को हो सकता है बड़ा असर संभावना जताई जा रही है कि यह सिस्टम 3 नवंबर के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है। हालांकि, अभी तक किसी बंदरगाह के लिए चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। चक्रवात अर्नब के बाद यह नया सिस्टम बंगाल की खाड़ी से जुड़े राज्यों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
IMD Weather Update!
— India Meteorological Department (@Indiametdept) October 31, 2026
Well-Marked Low Pressure Area over Southeast Bay of Bengal Likely to Intensify into a Depression within 6 Hours and Further into a Cyclonic Storm within 24 Hours; Expected to Move West-Northwestwards and Reach West-central Bay of Bengal Near Andhra Pradesh… pic.twitter.com/qEfhSYj4BJ
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