तिब्बत में फिर डोली धरती: 5.4 तीव्रता के झटकों ने बढ़ाई चिंता, 7.0 के भूकंप से अब तक 16 मौतें
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तिब्बत में कुदरत का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को आए विनाशकारी भूकंप के बाद, शनिवार दोपहर 2 बजकर 9 मिनट पर एक बार फिर धरती कांप उठी। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, इस बार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 मापी गई।

बढ़ता जा रहा है तबाही का आंकड़ा इससे पहले गुरुवार, 22 अक्टूबर की रात आए 7.0 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 76 लोग घायल हुए हैं। नाकु शहर की बाकेन काउंटी में आए इस भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर से भी कम गहराई पर था, जिससे सतह पर अत्यधिक नुकसान हुआ। 330 से अधिक मकान पूरी तरह ढह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

युद्धस्तर पर जारी है राहत और बचाव कार्य चीनी प्रशासन प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चला रहा है। अब तक 12 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। राहत कार्यों के लिए उपग्रहों और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने आपातकालीन राहत के लिए 5 करोड़ युआन और पुनर्वास के लिए 3 करोड़ युआन की अतिरिक्त राशि आवंटित की है। प्रभावितों को तंबू, रजाई और पोर्टेबल स्टोव जैसी जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।

बहाली की राह में मौसम बनी बड़ी चुनौती प्रभावित क्षेत्र में बिजली और ट्रेन सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। हालांकि, कड़ाके की ठंड और खराब मौसम बचाव कार्य के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। भूकंप प्रभावित क्षेत्र समुद्र तल से 4,800 मीटर से अधिक ऊंचाई पर है, जहां अगले तीन दिनों में तापमान शून्य से 9 डिग्री सेल्सियस नीचे जाने की आशंका है। शनिवार को क्षेत्र में बर्फबारी की संभावना ने राहत कर्मियों की चिंता बढ़ा दी है।

शी चिनफिंग की कड़ी निगरानी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बचाव दलों को लापता लोगों की हर हाल में तलाश करने और घायलों को त्वरित इलाज देने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम की मार को देखते हुए दूसरी आपदाओं के प्रति भी अलर्ट रहने को कहा है।

भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील है यह इलाका वैज्ञानिकों के अनुसार, तिब्बती पठार भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियाई टेक्टोनिक प्लेटों के मिलन बिंदु पर स्थित है। इन प्लेटों के बीच लगातार होती हलचल इस पूरे इलाके को दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक बनाती है। शनिवार को महसूस किए गए 5.4 तीव्रता के झटकों ने क्षेत्र में डर का माहौल फिर से पैदा कर दिया है।

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