इंटरनेट पर एक बड़ा साइबर खतरा मंडरा रहा है, जिसे विशेषज्ञ ब्लैक अक्टूबर का नाम दे रहे हैं। दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत वेबसाइटें जिस प्रोग्रामिंग भाषा PHP पर चल रही हैं, उसमें दो बेहद गंभीर खामियां (CVE-2026-109618 और CVE-2026-109619) पाई गई हैं। इन खामियों के कारण दुनिया भर की करोड़ों वेबसाइट्स हैकर्स के निशाने पर आ गई हैं।
सुरक्षा शोधकर्ताओं ने इन खामियों को PHP2Shell का नाम दिया है। ये बग्स हैकर्स को बिना किसी पासवर्ड के सीधे सर्वर में घुसने और रिमोट कोड निष्पादित करने की अनुमति देते हैं। इस सुरक्षा खतरे को 10 में से 9.2 की खतरनाक रेटिंग दी गई है। यह समस्या PHP के पुराने वर्ज़न से लेकर आधुनिक वर्ज़न तक को प्रभावित कर सकती है।
खतरे की गंभीरता को देखते हुए कई देशों की साइबर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। एहतियात के तौर पर कई सरकारी संस्थानों, वित्तीय बैंकों और प्रमुख प्लेटफॉर्म्स ने अपनी वेबसाइटों को अस्थायी रूप से ऑफलाइन कर लिया है। डच और फिनिश सरकारी साइटों के अलावा, जापान के कई बैंकों और निंटेंडो जैसी बड़ी कंपनियों ने भी अपनी ऑनलाइन सेवाएं बंद कर दी हैं।
क्लाउडफ्लेयर के सीईओ मैथ्यू प्रिंस के अनुसार, इस खामी के सार्वजनिक होते ही हैकिंग के प्रयासों में तेजी आई है। घोषणा के कुछ घंटों के भीतर ही हमलों की संख्या हजारों से बढ़कर लाखों में पहुंच गई। हैकर्स लगातार अपनी रणनीति बदल रहे हैं ताकि सुरक्षा प्रणालियों को चकमा दिया जा सके।
फिलहाल किसी बड़े सफल डेटा उल्लंघन या घुसपैठ की पुष्टि नहीं हुई है। जर्मनी और नीदरलैंड जैसे देशों की साइबर सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि उन्होंने हमलों के प्रयास देखे हैं, लेकिन वे अभी तक सफल नहीं हुए हैं। हालांकि, सुरक्षा फर्म वॉचटावर का मानना है कि कुछ हमले पहले ही सर्वर में सेंध लगाने में सफल रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
सबसे बड़ा खतरा उन 1.1 मिलियन से अधिक सर्वरों पर है, जो PHP के पुराने वर्ज़न का उपयोग कर रहे हैं। इन वर्ज़न्स के लिए अब आधिकारिक अपडेट या पैच नहीं मिलते हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल पैच लगाना काफी नहीं है; यदि हैकर्स ने पहले ही सर्वर में कोई बैकडोर बना लिया है, तो उसे पूरी तरह खत्म करने के लिए सिस्टम को अपग्रेड करना अनिवार्य है।
यदि आप वेबसाइट संचालक हैं, तो तुरंत अपने सर्वर के PHP वर्ज़न की जांच करें और उसे अपडेट करें। सुरक्षा फर्मों की सलाह है कि जिन साइटों को अपडेट करना संभव नहीं है, उन्हें सुरक्षा पैच मिलने तक ऑफलाइन रखना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कुछ हमले इतने सूक्ष्म हैं कि वे सर्वर पर कोई निशान नहीं छोड़ते, इसलिए सावधानी ही एकमात्र बचाव है।
The internet is going into a LOCKDOWN.
— Coin Bureau (@coinbureau) October 22, 2026
Hundreds of millions of websites are potentially at risk from cyberattacks.
Governments, banks and major platforms have already taken their websites OFFLINE.
Many are already calling it “Black October.”
At the centre of the shutdowns is… pic.twitter.com/MzWbFU7Wga
चीन सीमा विवाद: हर गतिविधि का मतलब युद्ध नहीं , कांग्रेस के आरोपों पर BJP का करारा जवाब
यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज: 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट
हरियाणा: बंदर को बेरहमी से पीटने का वीडियो वायरल, इंसानियत शर्मसार
पुणे एमएलसी चुनाव: दोपहर 12 बजे तक 90 हजार से ज्यादा मतदाताओं ने डाले वोट
कनाडा जाने वाले थे नमन धीर, पिता की एक जिद ने बनाया टीम इंडिया का मैच विनर
मुंबई में दिखा स्मृति ईरानी का बंगाली अंदाज: सिंदूर खेला और धनुची नृत्य से मनाया विजयादशमी का जश्न
छोटू सिंह की हिरासत पर मचा सियासी घमासान: जन सुराज का सम्राट चौधरी सरकार पर बड़ा हमला
बस में सो रही नाबालिग से शर्मनाक हरकत: कंडक्टर की करतूत कैमरे में कैद, पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तारी
बिग बॉस 20: आम्रपाली दुबे को आलू की बोरी कह फंसी माही विज, फैंस का फूटा गुस्सा
सोनिया गांधी की किताब पर आनंद शर्मा का बड़ा बयान: मुश्किल दौर में उनका संघर्ष करीब से देखा है