नई दिल्ली: विजया दशमी के पावन अवसर पर भारत और न्यूजीलैंड के व्यापारिक संबंधों में एक नया अध्याय जुड़ गया है। दोनों देशों के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आज से आधिकारिक रूप से प्रभावी हो गया है। यह समझौता न केवल व्यापारिक बाधाओं को कम करेगा, बल्कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को नई गति देगा।
लंबी प्रक्रिया के बाद मिली सफलता इस ऐतिहासिक समझौते की आधारशिला 21 सितंबर, 2026 को रखी गई थी, जब केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी औपचारिक घोषणा की थी। न्यूजीलैंड की संसद ने भी इस पर अपनी मुहर लगा दी है। 16 सितंबर को न्यूजीलैंड की संसद में हुई वोटिंग में इस समझौते को 93-29 के भारी बहुमत से मंजूरी मिली थी।
प्रधानमंत्री लक्सन का वादा पूरा न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इस डील पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा, मैंने तीन साल पहले वादा किया था कि हम भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौता करेंगे, और आज हमने उसे पूरा कर लिया है। उनके अनुसार, यह डील न्यूजीलैंड के निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलेगी, जिससे देश में नौकरियों के नए द्वार खुलेंगे और आर्थिक विकास को रफ्तार मिलेगी।
क्या बदलेगा कारोबार में? इस समझौते के तहत, न्यूजीलैंड से भारत को होने वाले लगभग 57 प्रतिशत निर्यात पर अब कोई शुल्क नहीं लगेगा। भविष्य में इसे बढ़ाकर 95 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य है। विशेष रूप से वहां की कीवीफ्रूट इंडस्ट्री को इससे भारी राहत मिलने की उम्मीद है, जिससे उन्हें पांच वर्षों में करीब 125 मिलियन न्यूजीलैंड डॉलर की बचत होगी।
भारत के लिए बढ़ते अवसर भारतीय निर्यातकों के लिए भी यह एक बड़ी जीत है। समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले सभी उत्पादों को अब शत-प्रतिशत शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच मिल गई है। इससे भोजन, टेक्नोलॉजी, शिक्षा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में मांग बढ़ने की संभावना है।
2030 तक व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस व्यापारिक बातचीत की शुरुआत मार्च 2025 में हुई थी। यह समझौता भारत की बदलती व्यापारिक नीति का हिस्सा है। ओमान, यूके, ऑस्ट्रेलिया और यूएई के बाद यह भारत का सातवां बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को 2030 तक दोगुना करना है, जो वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती आर्थिक साख को दर्शाता है।
भारत-न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) लागू हो गया है।समझौते के लागू होने के साथ ही भारत से न्यूज़ीलैंड जाने वाले सभी उत्पादों को शत-प्रतिशत शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच मिल गई है।
— PB-SHABD (@PBSHABD) October 20, 2026
समझौते से निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। इसमें अगले 15 वर्षों में भारत… pic.twitter.com/Qos1boamHK
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