चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर पछतावे में जगनमोहन रेड्डी, बोले- हमसे बड़ी भूल हुई थी
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चुनाव प्रक्रिया पर यू-टर्न वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। रेड्डी ने माना कि केंद्र सरकार द्वारा सीईसी (CEC) की नियुक्ति प्रक्रिया को बदलने के जिस फैसले का उनकी पार्टी ने पहले समर्थन किया था, वह एक बड़ी भूल थी।

सत्ता पक्ष पर नियुक्ति का विरोध जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति किसी भी स्थिति में सत्ताधारी दल द्वारा नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने तर्क दिया कि जिस तरह एक छात्र अपने परीक्षक (एग्जामिनर) की नियुक्ति नहीं कर सकता, उसी तरह सत्ताधारी दल को चुनाव प्रक्रिया के नियंत्रकों को चुनने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, भले ही नियुक्त व्यक्ति ईमानदार हो, लेकिन यदि उसे किसी निष्पक्ष संस्था द्वारा नहीं चुना गया है, तो उसकी विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे ही।

राज्य चुनाव आयोग में सुधार की मांग सिर्फ केंद्र ही नहीं, बल्कि रेड्डी ने राज्य स्तर पर भी चुनाव आयोग के पुनर्गठन की वकालत की है। उन्होंने मांग की कि राज्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति मुख्यमंत्री या सरकार के हाथों में नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, यह नियुक्ति एक निष्पक्ष और स्वतंत्र प्राधिकरण द्वारा की जानी चाहिए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।

नगर निकाय चुनाव: लोकतंत्र की हत्या का आरोप आंध्र प्रदेश में चल रहे नगर निकाय चुनाव की प्रक्रिया पर जगन मोहन रेड्डी ने तीखे हमले किए हैं। उन्होंने राज्य की मौजूदा स्थिति को लोकतंत्र की हत्या करार दिया है। रेड्डी का आरोप है कि उनके उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोका जा रहा है, उन्हें धमकियां दी जा रही हैं और उन पर हमले किए जा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल राजमपेट के सांसद पीवी मिथुन रेड्डी पर हुए हमले का जिक्र करते हुए पूर्व सीएम ने राज्य में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि क्या राज्य में विपक्षी नेताओं और उम्मीदवारों के लिए कोई सुरक्षा बची है? उन्होंने राज्य चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आयोग निष्पक्ष रूप से काम क्यों नहीं कर रहा है?

नामांकन का आखिरी दिन और बढ़ता तनाव आंध्र प्रदेश में 123 शहरी स्थानीय निकायों में से 100 निकायों के लिए चुनाव होने हैं, जिसमें 13 नगर निगम और 87 नगर पालिकाएं शामिल हैं। नामांकन दाखिल करने का आज यानी 18 अक्टूबर आखिरी दिन है। 28 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग से ठीक पहले रेड्डी के इन आरोपों ने सूबे की राजनीति में भारी उबाल ला दिया है। रेड्डी का कहना है कि अगर उम्मीदवारों को सुरक्षित माहौल नहीं मिला, तो निष्पक्ष चुनाव की कल्पना करना बेमानी है।

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