ब्रिटेन में भारतीय छात्रों को घेरकर दी धमकी: देश वापस जाओ , नस्लीय हेट क्राइम ने बढ़ाई चिंता
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सोलिहल, ब्रिटेन: पश्चिमी देशों में भारतीयों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। अमेरिका में हाल ही में हिंदू मंदिर को निशाना बनाने की साजिश के बाद, अब ब्रिटेन से एक डरावना मामला सामने आया है। यहाँ के सोलिहल स्थित मेरिडेन पार्क में तीन भारतीय छात्रों को एक विजिलैंटे (स्वयंभू रक्षक) ग्रुप ने घेर लिया और उन्हें नस्लीय टिप्पणियां करते हुए देश छोड़ने की धमकी दी।

क्या है पूरा मामला? इंग्लैंड के सोलिहल में तीन भारतीय छात्र अपने घर के पास पार्क में टहल रहे थे, तभी चेलम्सली वुड पैट्रियट्स नाम के एक समूह ने उन्हें रोक लिया। नकाबपोश लोगों के इस समूह ने छात्रों से पूछताछ की और इसका वीडियो भी बनाया। समूह का दावा है कि वे इलाके में बच्चों के लापता होने और अपराधों के डर से गश्त कर रहे थे, लेकिन छात्रों को निशाना बनाना उनकी असल मंशा को बयां करता है।

वीडियो में कैद छात्रों का अपमान यह घटना तब सामने आई जब समूह ने खुद इसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाला। हालांकि बाद में इसे हटा दिया गया, लेकिन तब तक यह वायरल हो चुका था। वीडियो में समूह का एक सदस्य छात्र से तल्ख लहजे में पूछता है कि वह इंग्लैंड क्यों आया है। जब छात्र ने बताया कि वह मास्टर्स करने आया है और दो साल से यहां रह रहा है, तो उसे पार्क में दोबारा न आने की आखिरी चेतावनी दी गई। उसे धमकाते हुए एचएमओ (HMO) में वापस चले जाने को कहा गया।

ग्रीन पार्टी ने जताई कड़ी आपत्ति इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर आक्रोश है। ग्रीन पार्टी ने इसे सीधे तौर पर नस्लीय उत्पीड़न करार दिया है। पार्टी के काउंसिल उम्मीदवार शेषभट्टर ने कहा कि छात्रों का पार्क में घूमना उनका अधिकार है और उन्हें सिर्फ उनकी नस्ल के आधार पर निशाना बनाया गया है। उन्होंने छात्रों से संपर्क करने की कोशिश शुरू कर दी है ताकि उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया जा सके।

पुलिस की कार्रवाई का आश्वासन वेस्ट मिडलैंड्स और सोलिहल पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उन्हें उस समूह और घटना की पूरी जानकारी है और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बढ़ती चिंता: ब्रिटेन में भारतीय छात्रों का भविष्य ब्रिटेन भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में करीब 1.46 लाख भारतीय छात्र वहां उच्च शिक्षा ले रहे थे। लगातार तीसरे साल भारतीय छात्र वहां विदेशी छात्रों की सूची में शीर्ष पर हैं। ऐसे में इस तरह की नस्लीय घेराबंदी हजारों छात्रों की सुरक्षा और मानसिक शांति के लिए एक बड़ा खतरा बनती जा रही है।

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