संयुक्त राष्ट्र में भारत की दहाड़ भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद के खिलाफ एक बार फिर आक्रामक रुख अपनाया है। न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति के 81वें सत्र में भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवादी गतिविधियों को मानवता के खिलाफ अपराध (Crimes Against Humanity) की श्रेणी में शामिल किया जाना अनिवार्य है। भारत ने वैश्विक स्तर पर इसके लिए सख्त पैमाने तय करने की पुरजोर मांग की है।
राष्ट्रीय जिम्मेदारी पर जोर भारत के स्थायी मिशन की काउंसलर आर. मैथिली ने वैश्विक मंच से दो टूक कहा कि आतंकवाद को रोकने, उसकी जांच करने और दोषियों को सजा दिलाने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित देशों की ही है। भारत ने जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून का ढांचा ऐसा होना चाहिए जो राष्ट्रीय संप्रभुता का सम्मान करे और किसी भी देश के आंतरिक मामलों में अनावश्यक हस्तक्षेप न करे।
नकल नहीं, ठोस तंत्र की जरूरत भारत ने स्पष्ट चेताया कि मानवता के खिलाफ अपराधों पर नया कन्वेंशन मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनों का महज दोहराव नहीं होना चाहिए। भारत का मानना है कि नए नियमों को मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे के साथ तालमेल बिठाते हुए तैयार किया जाना चाहिए। इससे पहले भी भारत इस बात पर जोर देता रहा है कि अंतरराष्ट्रीय नियमों की नकल के बजाय प्रभावी और पारदर्शी बातचीत के जरिए ठोस समाधान निकाले जाएं।
आतंकवाद के खिलाफ भारत का मजबूत मॉडल भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपनी आंतरिक सुरक्षा नीतियों का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे पिछले एक दशक में देश ने आतंकवाद से निपटने के लिए कानूनी और संस्थागत स्तर पर व्यापक बदलाव किए हैं। खुफिया जानकारी के बेहतर तालमेल, केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच समन्वय और आतंकी फंडिंग नेटवर्क को ध्वस्त करने की भारत की रणनीति अब दुनिया के लिए एक मॉडल बनकर उभरी है।
वैश्विक सुरक्षा के लिए स्पष्ट संदेश संयुक्त राष्ट्र के इस मंच से भारत ने यह संदेश दिया है कि आतंकवाद से निपटने के लिए केवल दिखावटी समझौतों की नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही की जरूरत है। सीमा-पार आतंकवाद पर लगाम कसने के लिए भारत की यह मुखर आवाज एक बार फिर वैश्विक मंच पर गूंजी है, जो साफ संकेत देती है कि भारत आतंक के प्रति जीरो टॉलरेंस के अपने रुख पर अडिग है।
#IndiaAtUN
— India at UN, NY (@IndiaUNNewYork) October 12, 2026
R. Mythili, Counsellor (LA), delivered ’s statement at the 81st Session of the UNGA Sixth Committee on Agenda Item 79: “United Nations Conference of Plenipotentiaries on Prevention and Punishment of Crimes against Humanity” highlighting the following:
➡️ Emphasized… pic.twitter.com/E5IJUmGfKl
स्मृति मंधाना के युग का आगाज: जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल और टीम इंडिया की तैयारी
मंदिर में नाबालिग से हैवानियत: मासूम ने दिखाई हिम्मत, CCTV में कैद हुई दरिंदगी
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को पीटने वाला आरोपी डेढ़ दिन में रिहा, बाहर आते ही फिर दी धमकी
ओवैसी का सियासी धमाका: योगी को संभल और अखिलेश को गोरखपुर से लड़ने की चुनौती
अभी इस्तीफा दे दें : CJI के खिलाफ केरल कांग्रेस की पोस्ट पर मचा बवाल, BJP का तीखा हमला
सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी की बड़ी दस्तक: चुनाव आयोग की प्रक्रिया को दी चुनौती, कार्यकर्ताओं का बढ़ाया हौसला
राहुल गांधी मदारी का खेल खेल रहे: शिंदे गुट के नेता का कांग्रेस पर तीखा हमला
जंतर-मंतर पर सियासत: सलमान खुर्शीद बोले- हम जहां बैठेंगे, वही जंतर-मंतर बन जाएगा
क्या रामलीला मैदान में हो पाएंगे विरोध प्रदर्शन? सौरभ भारद्वाज ने सरकार पर लगाया ‘धोखा’ देने का आरोप
बेंच पर बैठकर खिलाड़ी तैयार नहीं होते : वैभव सूर्यवंशी को न खिलाने पर भड़के कोच, टीम मैनेजमेंट पर लगाए तानाशाही के आरोप