यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है। रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाने के बाद अब सऊदी अरब की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों खतरे में हैं। इन हमलों में 3 लोगों की मौत हुई और 36 लोग घायल हो गए, जिसके चलते रियाद एयरपोर्ट पर करीब 300 फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं।
हूतियों का एस्केलेशन फॉर एस्केलेशन मॉडल हूती अब केवल सीमा पार गोलीबारी नहीं कर रहे, बल्कि उन्होंने सऊदी हवाई क्षेत्र को आधिकारिक ऑपरेशन एरिया घोषित कर दिया है। सितंबर 2026 में बाब-अल-मंदाब जलडमरूमध्य और मोखा बंदरगाह पर कब्जे के बाद हूतियों ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारे पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। उनका स्पष्ट संदेश है: जितना हमला तुम करोगे, जवाब उससे दोगुना मिलेगा।
तेल अर्थव्यवस्था पर गहरा संकट सऊदी अरब की तेल लाइन, जो ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन के जरिए सुरक्षित थी, अब हूतियों के निशाने पर है। 10 सितंबर को पाइपलाइन पर हुए हमले के बाद सऊदी का तेल उत्पादन गिरकर 6.24 मिलियन बैरल प्रतिदिन रह गया है, जो 1990 के बाद का निचला स्तर है। इसके कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, लेकिन सऊदी अरब अपनी तेल आपूर्ति को सुरक्षित भेजने में असमर्थ है।
हवा में विफल होती सऊदी एयर डिफेंस सऊदी अरब के पास अमेरिकी पैट्रियट और थाड जैसे अत्याधुनिक रक्षा सिस्टम हैं, लेकिन ये हूतियों के सस्ते ईरानी डिजाइन वाले ड्रोन को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले 38 दिनों में सऊदी ने अपने 86% पैट्रियट इंटरसेप्टर खर्च कर दिए हैं। अब स्थिति यह है कि सऊदी अरब को फ्रांस, ब्रिटेन और पाकिस्तान से मिसाइल स्टॉक की मदद मांगनी पड़ रही है।
क्या मक्का डिफेंस अलायंस बचा पाएगा सऊदी को? अगस्त में सऊदी, तुर्किये और पाकिस्तान के बीच हुआ मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट फिलहाल केवल कागजी साबित होता दिख रहा है। हालांकि, पाकिस्तान ने अपनी सेना तैनात की है, लेकिन तुर्किये ने सीधे युद्ध में उतरने से इनकार कर दिया है। वहीं, अमेरिका ने भी सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को सीधे सैन्य मदद देने से हाथ पीछे खींच लिए हैं, जिससे रियाद खुद को इस संघर्ष में अकेला महसूस कर रहा है।
सऊदी के सामने तीन बड़ी चुनौतियाँ सऊदी अरब के सामने अब अस्तित्व का सवाल खड़ा है:
अब सऊदी अरब के सामने बड़ी दुविधा यह है कि अगर वह जवाबी हमला करता है तो हूती और भीषण हमले करेंगे, और अगर बातचीत करता है तो उसे इन विद्रोहियों को एक वैध शक्ति के रूप में मान्यता देनी पड़ेगी।
🚨 Explosions and heavy smoke reported near Riyadh’s King Khalid International Airport following a claimed Houthi missile attack.
— Abu Taimur🐅 (@GH4LL) October 9, 2026
🇸🇦 Saudi Arabia reported intercepting missiles, while flight disruptions were reported. The exact impact and damage remain unverified.#BreakingNews… pic.twitter.com/s7tNjtVnm1
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