क्या विदेशी अरबपतियों की कठपुतली बन गए हैं राहुल गांधी? स्टारलिंक पर BJP का बड़ा हमला
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स्टारलिंक (Starlink) और स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर छिड़े विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी की राजनीति अब विदेशी अरबपतियों के हितों को साधने में लगी है।

विदेशी समर्थन पर टिकी है राहुल की राजनीति: सिद्धार्थ यादव

भाजपा के नेशनल मीडिया को-कोऑर्डिनेटर सिद्धार्थ यादव ने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति अब विदेशी हस्तक्षेप पर निर्भर हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस कांग्रेस पार्टी ने एक साल पहले स्टारलिंक को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया था, आज वही उसका समर्थन क्यों कर रही है?

यादव ने कहा, भारत एक संप्रभु देश है और यहां की नीतियां संसद में तय होती हैं। जो लोग विदेशी अरबपतियों के हाथों की कठपुतली बने हुए हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि देश की जनता उनके छिपे हुए इरादों को जानती है।

सरेंडर गांधी का तंज

भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने राहुल गांधी को सरेंडर गांधी करार देते हुए उन पर एलन मस्क को खुश करने का आरोप लगाया। माधव ने कहा कि पहले कांग्रेस नेता सरकार को एलन मस्क के सामने झुकने का आरोप लगा रहे थे, लेकिन अब वे खुद मस्क की सेवा में जुट गए हैं।

राम माधव ने स्पष्ट किया कि भारत कोई बनाना रिपब्लिक नहीं है। यहां स्पेक्ट्रम का आवंटन किसी के इशारे पर नहीं, बल्कि कानून और नियमों के तहत होगा। उन्होंने याद दिलाया कि UPA सरकार के दौरान स्पेक्ट्रम आवंटन में भारी भ्रष्टाचार हुआ था, लेकिन मोदी सरकार में ऐसा नहीं होगा।

सिंधिया ने दी स्पष्टता: मोनोपॉली नहीं, प्रतिस्पर्धा होगी

इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) 2026 के मंच से केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूरे विवाद पर विराम लगा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी कंपनी को एकाधिकार (Monopoly) नहीं देगी।

सिंधिया ने बताया कि फिलहाल तीन कंपनियों—रिलायंस जियो, वनवेब और स्टारलिंक—को लाइसेंस जारी किए गए हैं। अमेज़न का प्रोजेक्ट कुइपर भी कतार में है। उन्होंने साफ कहा कि सभी कंपनियों को सुरक्षा संबंधी चिंताओं और निर्धारित सरकारी शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।

AI के युग में भारत की जिम्मेदारी

टेक्नोलॉजी के भविष्य पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि भारत अब केवल एक मेजबान देश नहीं, बल्कि ग्लोबल मिशन में पार्टनर है। उन्होंने जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जिम्मेदाराना, समावेशी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार काम कर रही है।

सिंधिया के अनुसार, तकनीकी बदलाव भारत की अर्थव्यवस्था और समाज को नई दिशा दे रहे हैं, लेकिन सुरक्षा और नियम-कानून से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

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