भारत में करीब 6 करोड़ निवेशक म्यूचुअल फंड के जरिए अपनी गाढ़ी कमाई निवेश कर रहे हैं। 23 करोड़ से ज्यादा खातों और 86 लाख करोड़ रुपये के AUM (Assets Under Management) के साथ यह इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा है। लेकिन हालिया बाजार उतार-चढ़ाव के बीच सोशल मीडिया पर फिनफ्लूएंसर इसे स्कैम करार दे रहे हैं।
इस बहस के बीच कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी के MD और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य नीलेश शाह ने इन दावों पर करारा जवाब दिया है।
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा डर यह है कि अगर म्यूचुअल फंड कंपनी (AMC) बंद हो गई, तो उनके निवेश का क्या होगा? नीलेश शाह ने इसे पूरी तरह बेबुनियाद बताया।
उन्होंने साफ किया कि आपका पैसा AMC की जेब में नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र कस्टोडियन और ट्रस्टी के पास सुरक्षित रहता है। यदि कोई AMC बंद भी होती है, तो आपके निवेश की यूनिट्स सुरक्षित रहेंगी और उनका प्रबंधन किसी दूसरी कंपनी को सौंप दिया जाएगा। इसे स्कैम मानना केवल एक गलतफहमी है।
फंड मैनेजमेंट के दबाव पर टिप्पणी करते हुए नीलेश शाह ने दो-टूक कहा कि म्यूचुअल फंड एक कमर्शियल बिजनेस है, न कि कोई चैरिटी। हालांकि, इसमें क्लाइंट फर्स्ट का सिद्धांत सर्वोपरि है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक निवेशक का मुनाफा नहीं होगा, तब तक एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का भला नहीं हो सकता। उन्होंने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रोफेशनलिज्म का मतलब है—मुश्किल वक्त में ग्राहक को नुकसान से बचाना, भले ही इसके लिए फंड का साइज छोटा क्यों न करना पड़े।
नीलेश शाह ने निवेशकों को एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि 90 के दशक में उन्होंने खुद टिप्स के भरोसे निवेश कर भारी नुकसान उठाया था।
उनका कहना है कि दलाल स्ट्रीट में लक्ष्मी (धन) की पूजा साल में एक बार होती है, लेकिन सरस्वती (ज्ञान और रिसर्च) की पूजा रोज करनी पड़ती है। माता-पिता के अलावा किसी को आपकी आर्थिक भलाई की परवाह नहीं है, इसलिए किसी के बहकावे में आकर निवेश करने के बजाय अपनी रिसर्च पर भरोसा करें।
भविष्य के निवेश पर बात करते हुए शाह ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को एक बड़ा गेम-चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि जो कंपनियां खुद को समय के साथ बदलेंगी, वे ही आगे बढ़ेंगी।
अगले 5 से 10 वर्षों के लिए उन्होंने भारत में डिफेंस, कंज्यूमर डिस्क्रीशनरी (जैसे ट्रैवल, एजुकेशन, हेल्थकेयर) और डीप टेक को विकास के प्रमुख वाहक के रूप में चिन्हित किया है।
अस्वीकरण: यह लेख केवल जानकारी के लिए है और नीलेश शाह के विचारों पर आधारित है। म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है, कृपया निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
4 crore Indians work in IT, GCCs and BPOs, and together they earn $350 billion a year in foreign exchange. When I tell IT companies AI will disrupt them, they say we started with Y2K and kept transitioning. Then AI companies say coding will be automated, and IT says coding is… pic.twitter.com/FNZMOIkHGE
— Sanjay Kathuria (@sanjaykathuria) October 7, 2026
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