# क्या है फीलिंग ऑफ फ्लाइट्स ? कैप्टन स्मित मच्छार की पूर्व सहकर्मी ने खोले बड़े राज
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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की चर्चा पूरी दुनिया में है। इस बहादुरी के बाद उनकी पूर्व सहकर्मी और 25 वर्षों का अनुभव रखने वाली पायलट टीना गोस्वामी ने कैप्टन मच्छार की कार्यक्षमता और एविएशन से जुड़े कई अनसुने पहलुओं पर खुलकर बात की।

क्या था खौफनाक मंजर? टीना गोस्वामी ने बताया कि जब उन्हें इस घटना की जानकारी मिली, तो वे और उनके साथी पायलट स्तब्ध थे। उनके अनुसार, पायलटों को हमेशा बाह्य खतरों से निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन इस मामले में खतरा विमान के अंदर से था। टीना कहती हैं, यह कोई सामान्य आपात स्थिति नहीं थी। जब पता चला कि खतरा अंदर है और स्थिति असामान्य है, तो हम सब डर गए थे। लेकिन कैप्टन मच्छार ने जिस तरह स्थिति को नियंत्रित किया, वह राहत देने वाला था।

अंतिम समय में लिया सटीक फैसला कैप्टन स्मित मच्छार उस दौरान स्वयं घायल थे और विमान अनियंत्रित हो चुका था। टीना के अनुसार, उस वक्त कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला लेना उनकी अद्भुत प्रेजेंस ऑफ माइंड को दर्शाता है। वे जान चुके थे कि घायल अवस्था और बिगड़ते विमान के साथ वे और अधिक नहीं कर सकते। दरवाजा खोलना उस वक्त कम से कम किसी के बचने की संभावना पैदा करने वाला सबसे साहसी कदम था।

क्या होती है फीलिंग ऑफ फ्लाइट्स ? एक अनुभवी पायलट के तौर पर फीलिंग ऑफ फ्लाइट्स को समझाते हुए टीना ने कहा, 17 साल का अनुभव रखने वाले कैप्टन मच्छार, यदि आंखें बंद भी कर लें, तो भी बता सकते हैं कि विमान कैसे व्यवहार कर रहा है। एविएशन में इसे ही फीलिंग ऑफ फ्लाइट कहते हैं।

उन्होंने विस्तार से बताया कि यदि विमान अचानक नीचे जा रहा है, ऊपर चढ़ रहा है या गति में बदलाव हो रहा है, तो एक मंझा हुआ पायलट उसे अपनी अनुभूति से महसूस कर लेता है। यह एक ऐसी कला है जो अभ्यास के साथ आती है, जहाँ पायलट को उपकरणों के अलावा विमान की अपनी सेंस काम आती है।

सहकर्मी ने बताया बेहतरीन इंसान टीना गोस्वामी और कैप्टन स्मित मच्छार की मुलाकात 2022 के अंत में हुई थी। वे बताती हैं कि कैप्टन मच्छार सिर्फ एक अच्छे पायलट ही नहीं, बल्कि एक बेहद सम्मानित इंसान भी हैं।

टीना ने कहा, मैं यह उनकी उपलब्धि के कारण नहीं कह रही, बल्कि वे हमेशा अपने सहकर्मियों और फर्स्ट ऑफिसर्स के साथ बहुत सम्मान से पेश आते थे। उनका व्यवहार हमेशा संतुलित और धैर्यपूर्ण रहा है। कैप्टन मच्छार की इस बहादुरी ने न केवल यात्रियों की जान बचाई, बल्कि पूरे भारतीय एविएशन समुदाय का गौरव बढ़ाया है।

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