मृत आतंकी जिंदा ? कश्मीर एनकाउंटर पर पाकिस्तान का नया प्रोपेगेंडा
News Image

श्रीनगर/इस्लामबाद: जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए एक लश्कर-ए-तैयबा आतंकी की पहचान को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तानी सेना ने एक व्यक्ति को मीडिया के सामने पेश कर दावा किया है कि जिसे भारतीय सेना ने ढेर किया, वह जिंदा है।

क्या है भारतीय सेना का दावा? 29 सितंबर की रात जम्मू-कश्मीर के कोराग और यूसमर्ग इलाके में भारतीय सेना, पुलिस और सीआरपीएफ ने एक संयुक्त अभियान चलाया था। 30 सितंबर को भारतीय सेना की चिनार कोर ने पुष्टि की कि मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया है। सेना का दावा था कि यह आतंकी पाकिस्तान की एलीट एसएसजी (SSG) कमांडो यूनिट का पूर्व सदस्य मोहम्मद आसिफ था।

पाकिस्तानी सेना की प्रेस कॉन्फ्रेंस पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोहम्मद आसिफ नाम के एक व्यक्ति को दुनिया के सामने पेश किया। शरीफ चौधरी ने भारत पर फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी खबरें फैला रहा है।

खुद को जिंदा बता रहा है शख्स प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद शख्स ने दावा किया कि वह अटक जिले का रहने वाला है और 2023 में पाकिस्तानी सेना से रिटायर हुआ था। उसने कहा, मैं रावलपिंडी में एक निजी सुरक्षा कंपनी में काम कर रहा हूं। जब मेरे नाम के आतंकी के मारे जाने की खबर आई, तो मेरे दोस्तों के फोन आने शुरू हो गए। मैं पूरी तरह सुरक्षित और जिंदा हूं।

भारत पर आरोप, हकीकत क्या? पाकिस्तानी सेना का कहना है कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को बदनाम करने के लिए ऐसी साजिशें रचता है। वहीं, सुरक्षा विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान का एक पुराना हथकंडा मान रहे हैं। अक्सर आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों को बचाने के लिए पाकिस्तान ऐसी प्रेस कॉन्फ्रेंस का सहारा लेता है ताकि अपने प्रॉक्सी वार की पोल न खुले।

क्या है सच्चाई? हालांकि, पाकिस्तानी सेना के इस दावे पर भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। खुफिया एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या मारा गया आतंकी वास्तव में वही है जिसका पाकिस्तान नाम ले रहा है, या फिर यह पाकिस्तान का अपने ही पूर्व कमांडो को ढाल बनाकर किया गया एक और प्रोपेगेंडा है।

इस घटना ने एक बार फिर नियंत्रण रेखा (LoC) के दोनों तरफ जारी सूचना युद्ध को तेज कर दिया है।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

ODI World Cup 2027: गांधी जयंती से महासंग्राम, 10 अक्टूबर को होगा भारत-पाक का महामुकाबला

Story 1

एक कचौड़ी, दो समोसा, BJP पर नहीं भरोसा : अखिलेश का नया Gen-Z अंदाज

Story 1

समृद्धि हाईवे पर मातम: दुर्गा प्रतिमा लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं की गाड़ी को ट्रक ने रौंदा, 7 की मौत

Story 1

एशियन गेम्स 2026: टेबल टेनिस-स्क्वैश में दोस्ती, पर क्या क्रिकेट में बरकरार रहेगी नो हैंडशेक पॉलिसी ?

Story 1

क्या क्लीन स्वीप करेगा भारत? जानें कब और कहां होगा वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरा वनडे, यशस्वी-सिराज की वापसी पर बड़ा अपडेट

Story 1

NPS दिवस धमाका: अब पेंशन के साथ हेल्थ इंश्योरेंस और आसान निवेश का तोहफा

Story 1

आसमान में खौफ और बहादुरी : क्या विदेशी पायलट उड़ा सकते हैं दूसरी एयरलाइंस के विमान?

Story 1

फ्लाईदुबई हमले के बाद पहली बार सामने आया कैप्टन स्मित मच्छार का वीडियो, मौत को मात देकर बचाई 180 लोगों की जान

Story 1

ODI World Cup 2027: शेड्यूल जारी, 10 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान का महा-मुकाबला

Story 1

174 जिंदगियों के रक्षक: कैप्टन स्मित मच्छार को मिलेगा विशिष्ट गुजरात गरिमा पुरस्कार