जापान में जारी एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक शानदार खेल दिखाते हुए कुल 60 पदक अपने नाम किए हैं। हालांकि, गौरव की बात यह है कि देश पदक तालिका में सातवें स्थान पर है, लेकिन चिंता का विषय यह है कि इनमें से केवल 10 ही गोल्ड मेडल हैं। बाकी 50 पदक सिल्वर और ब्रॉन्ज हैं। आखिर भारत गोल्ड जीतने से क्यों चूक रहा है? आइए आंकड़ों के जरिए समझते हैं इसके पीछे के मुख्य कारण।
भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन जबरदस्त रहा है और वे कई इवेंट्स में फाइनल तक का सफर तय कर रहे हैं। मगर अहम मुकाबले में हार के कारण वे गोल्ड से फिसलकर सिल्वर या ब्रॉन्ज पर सिमट जाते हैं। चीन जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ फाइनल में दबाव झेलना कई बार खिलाड़ियों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है।
चीन इस समय 272 पदकों के साथ शीर्ष पर है, जबकि मेजबान जापान 195 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है। चीन किसी एक खेल तक सीमित नहीं है, बल्कि हर खेल में उसका दबदबा है। वहीं, जापान को घरेलू परिस्थितियों का भरपूर लाभ मिल रहा है। उनकी तकनीकी दक्षता और अनुशासन के आगे भारतीय खिलाड़ी कई बार मुकाबले हार जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय एथलीटों को अक्सर उच्च स्तरीय सुविधाओं और आधुनिक प्रशिक्षण की कमी का सामना करना पड़ता है, जो चीन और जापान के खिलाड़ियों को आसानी से उपलब्ध हैं। इसके अलावा, एक ही एथलीट का अलग-अलग व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में हिस्सा लेना उनके तालमेल को प्रभावित करता है, जिससे प्रदर्शन में निरंतरता की कमी आती है।
वर्तमान पदक तालिका के अनुसार, भारत की स्थिति नीचे दी गई है:
भारत का 60 मेडल का आंकड़ा यह दर्शाता है कि हमारे खिलाड़ियों में क्षमता की कमी नहीं है। हालांकि, गोल्ड मेडल की कम संख्या यह संकेत देती है कि हमें भविष्य में फाइनल मुकाबलों में मनोवैज्ञानिक मजबूती, बेहतर खेल सुविधाओं और विशेष ट्रेनिंग पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है ताकि हम सिल्वर को गोल्ड में बदल सकें।
In the centre is Dave Cousins, a former World Champion from USA, who was appointed India s Chief Compound Archery Coach in May this year.
— India_AllSports (@India_AllSports) September 30, 2026
His tenure has got off to a brilliant start, with India successfully defending three Gold medals so far 🇮🇳
With the men s and women s… pic.twitter.com/0BM6KoxjYl
हरा या लाल गमछा चुनें : पूर्व IAS दिव्या मित्तल के सियासी कदम पर अखिलेश यादव का बड़ा इशारा
गुवाहाटी में रनों की आंधी: एक वनडे मैच में 5 शतकों का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड
शाहजहांपुर में रोंगटे खड़े करने वाली वारदात: मंदिर के तख्त से बांधकर दो साधुओं को जिंदा जलाने का आरोप
कौन हैं आलोक डिमरी? पाकिस्तान जाकर लाहौर घूमने की जताई इच्छा, चर्चा में भारत का ये कदम
ठाणे से साउथ मुंबई अब सिर्फ 20 मिनट में: ईस्टर्न फ्रीवे एक्सटेंशन का काम अंतिम चरण में
EVM बनाम सीवर सफाई: नेहा सिंह राठौर का व्यवस्था पर तीखा प्रहार
आसमान में मौत को मात: हमले के बाद कैसे बची कैप्टन स्मित मच्छार की जान, जानिए डॉक्टर की जुबानी
गुवाहाटी में गिल-रोहित का महा-तहलका: भारत ने रचा वनडे इतिहास का दूसरा सबसे सफल रन-चेज
मानसून की विदाई पर मौसम का हाई अलर्ट : 22 राज्यों में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी
रूस जाने वाले भारतीय सावधान: सेना में भर्ती के झांसे से बचें, विदेश मंत्रालय की सख्त चेतावनी