बस मेरा फोन चला दीजिए.. AI ठगों का नया जाल, एक मदद और आपकी डिजिटल पहचान खतरे में
News Image

अगर कोई अनजान व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर आपसे कहे कि भाई, मेरा फोन चलाने में जरा मदद कर दीजिए , तो आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या होगी? शायद आप मदद का हाथ बढ़ा दें। लेकिन सावधान! सोशल मीडिया पर वायरल एक नए साइबर अलर्ट ने इस तरह की मदद को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। यह एक ऐसा जाल है जिसमें फंसकर आप अपनी डिजिटल पहचान और गाढ़ी कमाई गंवा सकते हैं।

कैसे काम करता है यह AI जाल ?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठग मॉल, मेट्रो स्टेशन या भीड़भाड़ वाली जगहों पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। वे बहाना बनाते हैं कि उन्हें फोन चलाना नहीं आता या उन्हें किसी सरकारी योजना की जानकारी देखनी है।

इस बीच, यदि उनका फोन पहले से वीडियो मोड पर है, तो वे आपका चेहरा और आवाज रिकॉर्ड कर लेते हैं। इसी डेटा का इस्तेमाल बाद में AI और डीपफेक तकनीक के जरिए नकली वीडियो या ऑडियो बनाने में किया जा सकता है।

AI का खतरा: क्या सिर्फ चेहरा-आवाज काफी है?

AI के दौर में किसी की हूबहू आवाज नकल करना अब बेहद आसान हो गया है। अपराधी आपकी आवाज का उपयोग करके आपके परिजनों से पैसे मांग सकते हैं। साथ ही, डीपफेक तकनीक से आपका चेहरा इस्तेमाल करके डिजिटल पहचान को धोखे में डालने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, बैंक या किसी ऐप के सुरक्षित सिस्टम को सिर्फ चेहरा या आवाज मिलने से हैक करना आसान नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना ज़रूरी है।

फोन छूने से क्या फिंगरप्रिंट चोरी हो सकते हैं?

सोशल मीडिया पर यह अफवाह भी फैल रही है कि अनजान व्यक्ति का फोन छूने से आपके फिंगरप्रिंट चोरी हो सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अभी इसके कोई ठोस प्रमाण नहीं हैं। इसलिए, फोन छूने मात्र से डरने की जरूरत नहीं है। असली खतरा तब होता है जब आप अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन में बैंकिंग डिटेल, पासवर्ड, या ओटीपी (OTP) डालते हैं।

खुद को सुरक्षित रखने के अचूक उपाय

  1. मदद का सही रास्ता: अनजान व्यक्ति को खुद अपना फोन थमाने के बजाय उन्हें सुरक्षा गार्ड, मेट्रो कर्मचारी या पुलिसकर्मी से मदद लेने की सलाह दें।
  2. संवेदनशील जानकारी न डालें: किसी भी हाल में दूसरे के फोन पर अपना UPI पिन, पासवर्ड या बैंक संबंधी संवेदनशील जानकारी दर्ज न करें।
  3. आधार लॉक करें: यूआईडीएआई (UIDAI) की वेबसाइट या ऐप पर जाकर अपने बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को लॉक कर रखें। इससे बायोमेट्रिक का दुरुपयोग नहीं हो पाएगा।
  4. अवेयरनेस: अपने परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को इस नए सोशल इंजीनियरिंग फ्रॉड के बारे में जरूर बताएं।

यदि आप किसी साइबर फ्रॉड का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 (साइबर क्राइम हेल्पलाइन) पर डायल करें और National Cyber Crime Reporting Portal पर अपनी शिकायत दर्ज करें।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

अरब सागर में बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक: 3,000 करोड़ की ड्रग्स के साथ 5 पाकिस्तानी गिरफ्तार

Story 1

अनंत सिंह के सामने उन्हीं की नकल , बाहुबली विधायक का रिएक्शन देख दंग रह गए लोग

Story 1

बिहार में मॉनसून की सुस्ती, पर 17 जिलों पर बाढ़ का साया; 3 अक्टूबर से फिर बदलेगा मौसम का मिजाज

Story 1

जम्मू में खूनी झड़प: CISF जवान ने की अपने ही साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग, असिस्टेंट कमांडेंट समेत 4 की मौत

Story 1

गढ़चिरौली: माओवाद के साये से बाहर निकल स्टील हब बनने की कहानी

Story 1

बडगाम के यूसमर्ग में सुरक्षा बलों का प्रहार: मुठभेड़ में एक आतंकी ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी

Story 1

जीते तो ताली, हारे तो गाली : विपक्षी गठबंधन की बैठक से पहले दिल्ली में पोस्टर वॉर

Story 1

एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला टीम का स्वर्णिम प्रदर्शन, 4x400 मीटर रिले में जीता गोल्ड

Story 1

एशियाई खेलों में भारत का स्वर्ण-प्रहार: महिला तीरंदाजी टीम ने चीन को हराकर रचा इतिहास, बनाया विश्व रिकॉर्ड

Story 1

हिमंत बिस्वा सरमा डर गया – असम सीएम का विपक्ष पर तंज या चुनौती?