मिडिल-ईस्ट के समुद्री इलाकों से अमेरिकी नौसेना की ताकत धीरे-धीरे गायब हो रही है। ओमान की खाड़ी और अरब सागर में तैनात रहने वाले अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर और डेस्ट्रॉयर अब सैटेलाइट तस्वीरों में नजर नहीं आ रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे ईरान का वह घातक हथियार है, जिसने पेंटागन की रातों की नींद उड़ा दी है।
ईरान ने हाल ही में अपनी नई एंटी-शिप बैलिस्टिक मिसाइल कासिम बसीर को मैदान में उतारा है। तेहरान इसे कैरियर किलर (युद्धपोत का काल) कह रहा है। करीब 1200 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली यह मिसाइल थर्मल और ऑप्टिकल सीकर से लैस है, जो चलते हुए युद्धपोतों को सटीक निशाना बनाने में सक्षम है।
अमेरिका के एक फोर्ड-क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर की कीमत लगभग 13 अरब डॉलर होती है और उस पर हजारों सैनिक तैनात होते हैं। ईरान की यह मिसाइल बेहद कम लागत में अरबों डॉलर के इन जहाजों को मलबे में तब्दील कर सकती है। जोखिम और लागत के इसी गणित ने अमेरिकी नौसेना को सुरक्षात्मक रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है।
सितंबर की शुरुआत से सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों ने साफ कर दिया है कि यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन, यूएसएस जॉर्ज एच.डब्ल्यू. बुश और यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड जैसे दिग्गज युद्धपोत ईरान के तट से सुरक्षित दूरी पर चले गए हैं। फिलहाल ये जहाज ईरान की मिसाइल रेंज (1200 किमी) से कम से कम 600 नॉटिकल मील पीछे हट चुके हैं।
अमेरिका कागजों पर अभी भी ईरान की समुद्री नाकाबंदी का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि सक्रिय युद्धपोतों के पीछे हटने से इसकी प्रभावशीलता कम हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान ने इस कदम से अमेरिका की समुद्री किलेबंदी को बड़ी चुनौती दी है।
यह घटना आधुनिक युद्ध के नए दौर की ओर इशारा करती है। जब दुश्मन के पास सटीक और लंबी दूरी के मिसाइल हों, तो विशालकाय युद्धपोत भी सफेद हाथी साबित होने लगते हैं। फिलहाल अमेरिकी बेड़ा ईरान के करीब जाने से बच रहा है, और यह रणनीतिक बदलाव खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
*It appears that the US has moved most of its warships away from Iran s coast. The ships had been deployed to support the US naval blockade of Iran.
— Current Report (@Currentreport1) September 25, 2026
In early september IRGC tested the Qasem Basir anti-ship ballistic missile, which has a range of about 1,200 km. That range covers… pic.twitter.com/OxIPOZmj80
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