UNGA में फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान: शहबाज शरीफ की चुप्पी ने खोली पोल, आतंकवाद पर सवाल सुन भागे PM
News Image

न्यूयॉर्क में चल रही संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय अपमान का सामना करना पड़ा। इस बार वजह उनकी कोई नीति नहीं, बल्कि उनके द्वारा पूछे गए सवालों से बचकर निकल जाना रहा।

शहबाज की चुप्पी और सवालों का घेरा घटना तब हुई जब शहबाज शरीफ UN मुख्यालय में प्रवेश कर रहे थे। वहां मौजूद पत्रकारों ने उनसे सीधा सवाल पूछा, पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा? इस तीखे सवाल को सुनते ही शहबाज असहज हो गए और बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए।

इतना ही नहीं, मुख्यालय से निकलते समय जब उनसे पूछा गया कि लश्कर-ए-तैयबा के सरगना और 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलेगा, तो इस बार भी प्रधानमंत्री ने चुप्पी साधे रखी। उनके इस मौन ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी दावों की कलई खोल दी।

ओसामा बिन लादेन ऑपरेशन: जब पाकिस्तान की सैन्य ताकत पर उठे सवाल पाकिस्तान के लिए अमेरिका के साथ अपमान का अनुभव नया नहीं है। 2 मई 2011 की रात इतिहास के पन्नों में दर्ज है, जब अमेरिकी नेवी सील्स ने एबटाबाद में घुसकर अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था। यह पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा तमाचा था, क्योंकि लादेन पाकिस्तानी सैन्य अकादमी के बेहद करीब छिपा था और पाक सेना को इसकी भनक तक नहीं लगी थी।

ट्रंप का कड़ा रुख और आर्थिक संकट 2018 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को लेकर तीखे तेवर अपनाए थे। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि अमेरिका ने 15 वर्षों में पाकिस्तान को 33 अरब डॉलर की सहायता दी, जिसके बदले में उसे सिर्फ झूठ और धोखे मिले। उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादियों को सुरक्षित ठिकाने देने का आरोप लगाते हुए सुरक्षा सहायता पर भी रोक लगा दी थी।

एफएटीएफ (FATF) की ग्रे लिस्ट और दबाव आतंकवाद को बढ़ावा देने और मनी लॉन्ड्रिंग के चलते पाकिस्तान 2018 से 2022 तक FATF की ग्रे लिस्ट में रहा। हालांकि यह निर्णय सामूहिक था, लेकिन अमेरिका और पश्चिमी देशों का कड़ा रुख पाकिस्तान पर लगातार दबाव बनाए रखने में मददगार रहा। इस लिस्ट ने पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख को भारी नुकसान पहुंचाया और आर्थिक संकट को और गहरा कर दिया।

कैसे हैं आज अमेरिका-पाकिस्तान संबंध? आज भी अमेरिका और पाकिस्तान के संबंध उतार-चढ़ाव भरे हैं। पाकिस्तान के लिए अमेरिका आर्थिक और कूटनीतिक रूप से एक सहारा है, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की दोहरी नीति हमेशा से इन रिश्तों में अविश्वास की दीवार पैदा करती रही है। शहबाज शरीफ का न्यूयॉर्क में सवालों से भागना यह साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के पास अपने बचाव में बोलने के लिए अब शायद ही कुछ बचा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

रेलवे ट्रैक पर फंसी थार, ट्रेन आते ही मची अफरा-तफरी: लापरवाही का रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो

Story 1

पीएम मोदी और योगी की लंबी मीटिंग, यूपी की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत?

Story 1

19 नवंबर का दर्द अब भी नहीं भूले रोहित शर्मा, वर्ल्ड कप 2023 की हार पर छलके आंसू

Story 1

शराब के नशे में धुत हुई दारुबाज बंदरिया, वाइन शॉप में घुसकर की ऐसी हरकत कि दंग रह गई दुनिया

Story 1

छात्रों से मुखातिब हुए CJI सूर्यकांत: शांतिपूर्ण प्रदर्शन आपका हक, न्यायपालिका सुरक्षा के लिए तैयार

Story 1

एशियन गेम्स 2026: जोशना-वेलावन ने नाम किया ब्रॉन्ज, गोल्ड की दहलीज पर अनाहत और अभय

Story 1

ISRO में सिलेक्शन, 50 लोगों की टीम का लीडर: साहिल के पिता ने बयां किया बेटे की मौत का दर्द

Story 1

दिल्ली में मंथन: यूपी चुनाव से पहले पीएम मोदी और सीएम योगी की अहम बैठक, नई रणनीति पर चर्चा

Story 1

वर्ल्ड कप 2027 के बाद वनडे क्रिकेट को अलविदा कहेंगे विराट कोहली, कहा- ट्रॉफी के लिए जान लगा दूंगा

Story 1

एशियन गेम्स 2026: लक्ष्य सेन बाहर, टेबल टेनिस और ई-स्पोर्ट्स में भी थमा भारत का सफर