UNGA में नेतन्याहू और जोहरान ममदानी के बीच तीखी बहस, ICC वॉरंट पर गरमाई सियासत
News Image

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और न्यूयॉर्क के मेयर-इलेक्ट जोहरान ममदानी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। 24 सितंबर को अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने सीधे तौर पर ममदानी को निशाने पर लिया, जिसके बाद प्रतिक्रिया में ममदानी ने नेतन्याहू पर गंभीर आरोप लगाए।

नेतन्याहू ने मंच से घेरा UNGA के मंच से नेतन्याहू ने जोहरान ममदानी पर यहूदी विरोधी ताकतों का समर्थन करने का आरोप लगाया। नेतन्याहू ने दावा किया कि ममदानी के मेयर चुने जाने के बाद से न्यूयॉर्क में यहूदी समुदाय खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने ममदानी के उन संबंधों पर भी सवाल उठाए, जिन्हें नेतन्याहू ने हमास समर्थक बताया।

ममदानी का पलटवार: वॉरंट का सामना करें नेतन्याहू नेतन्याहू के आरोपों का जवाब देते हुए जोहरान ममदानी ने कहा कि इजरायली पीएम फिलिस्तीनियों के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को जायज ठहराने के लिए बेबुनियाद दावे कर रहे हैं। ममदानी ने कड़े शब्दों में याद दिलाया कि नेतन्याहू खुद इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) द्वारा जारी गिरफ्तारी वॉरंट का सामना कर रहे हैं।

ICC वॉरंट और कानूनी पेच 21 नवंबर 2024 को ICC ने नेतन्याहू के खिलाफ युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया था। इसमें भूख को युद्ध के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने और नागरिकों पर जानबूझकर हमले के आरोप शामिल हैं। हालांकि ममदानी ने पहले नेतन्याहू की गिरफ्तारी की वकालत की थी, लेकिन बाद में उन्होंने स्वीकार किया कि मेयर के नाते उनके पास विदेशी प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने का प्रत्यक्ष कानूनी अधिकार नहीं है।

गाजा संघर्ष और नैतिक कायर का विवाद नेतन्याहू ने अपने भाषण में गाजा में नरसंहार के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे बचाव की कार्रवाई बताया। उनके भाषण के दौरान संयुक्त राष्ट्र महासभा से कई देशों के प्रतिनिधियों ने वॉकआउट किया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए नेतन्याहू ने सदन से बाहर जाने वाले प्रतिनिधियों को नैतिक कायर (Moral Cowards) करार दिया।

बढ़ती तल्खी यह टकराव गाजा में जारी सैन्य कार्रवाई और फिलिस्तीनी नागरिकों की स्थिति पर जारी अंतरराष्ट्रीय बहस का हिस्सा है। नेतन्याहू और ममदानी के बीच यह सार्वजनिक विवाद इस बात का संकेत है कि गाजा युद्ध को लेकर वैश्विक नेतृत्व के बीच खाई निरंतर चौड़ी हो रही है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

पटियाला की यूनिवर्सिटी में भूत का साया या अफवाहों का बाजार? गर्ल्स हॉस्टल के हंगामे का सच

Story 1

रांची: शराब की दुकान में घुसा बंदर, पव्वे का स्वाद चखकर पेटियों पर ही हुआ बेसुध; वीडियो वायरल

Story 1

हेलमेट पहना, पिन दिया और फिर गायब हो गया ड्राइवर: बेंगलुरु में बिना सवारी के ही 10 मिनट तक दौड़ती रही Rapido बाइक

Story 1

रेल यात्रा होगी पहले से ज्यादा सुरक्षित: जानिए क्या है नया कवच 4.0 और कैसे रोकेगा हादसे

Story 1

आईआईटी बॉम्बे छात्र मौत मामला: निष्पक्ष जांच के लिए छात्रों का कैंडल मार्च, प्रशासन पर बढ़ता दबाव

Story 1

एशियन गेम्स 2026: कबड्डी में भारत का गोल्डन डबल , ईरान को पटखनी देकर रचा इतिहास

Story 1

चुनाव आयोग का बड़ा फैसला: अब घर बैठे सुधरेगी वोटर लिस्ट, विवादों के बीच दी मतदाताओं को राहत

Story 1

चुनाव आयोग की बैठक में चर्चा का केंद्र बनी टेबल पर रखी पानी की महंगी बोतलें

Story 1

बरेली: बारिश ने थाने को बनाया टापू , पानी में डूबा इज्जतनगर परिसर

Story 1

आयुष्मान कार्ड के नाम पर ठगी से सावधान: एक भी रुपया न दें, ऐसे करें शिकायत