पूर्वोत्तर राज्य मेघालय की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय पार्टी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (UDP) को उस समय जोरदार झटका लगा जब उसके 12 में से 8 विधायकों ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया।
दिल्ली में हुआ औपचारिक मिलन दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा की मौजूदगी में इन विधायकों ने सदस्यता ग्रहण की। इस दल में खलीहरियात क्षेत्र के विधायक क्यिरमेन श्याला समेत 8 वरिष्ठ नेता शामिल हैं।
अमित शाह के साथ हुई थी गुप्त बैठक सूत्रों के अनुसार, यह घटनाक्रम अचानक नहीं हुआ है। इन विधायकों ने दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ बैठक की थी। इस बैठक के बाद से ही उनके भाजपा में शामिल होने की पटकथा तैयार हो गई थी।
क्या हैं भाजपा से जुड़ने के पीछे के कारण? विधायकों ने अपनी कुछ प्रमुख मांगों को लेकर भाजपा नेतृत्व के साथ सहमति जताई है। इनमें कोयला खनन को कानूनी जामा पहनाना और खासी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना सबसे अहम है। भाजपा हाईकमान ने भरोसा दिलाया है कि 2028 विधानसभा चुनाव से पहले इन मांगों पर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
UDP के लिए क्यों है यह बड़ा संकट? मेघालय की सत्तारूढ़ मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (MDA) गठबंधन में UDP दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है। 60 सदस्यीय विधानसभा में 12 में से 8 विधायकों का चले जाना पार्टी के अस्तित्व के लिए एक बड़ा खतरा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी के भीतर से ही नेताओं का मोहभंग होना शुरू हो गया था, जिसके संकेत 12 सितंबर को डॉ. जेमिनो मावथोह के भाजपा में शामिल होने के साथ ही मिल गए थे।
बदल सकती है मेघालय की राजनीति इस दल-बदल से मेघालय विधानसभा की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। भाजपा, जो अब तक राज्य में एक जूनियर सहयोगी की भूमिका में थी, अब एक बड़ी ताकत के रूप में उभरी है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू की इस पूरे घटनाक्रम में सक्रिय भूमिका यह दर्शाती है कि भाजपा पूर्वोत्तर में अपने प्रभाव को और अधिक विस्तार देने के लिए आक्रामक रणनीति अपना रही है।
आगे क्या? फिलहाल UDP के मूल नेतृत्व की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन पार्टी में मची खलबली साफ देखी जा सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाले गठबंधन में इस बड़े बदलाव से सरकार पर कोई आंच आती है या मामला शांति से सुलझा लिया जाएगा।
#WATCH | Delhi: CLP Leader Manipur, Keisham Meghachandra Singh says, Incidents of killings have been happening now and then. The killing of a young Liangmai is part of the continued process in Manipur. I strongly condemn this. Govt is not doing anything...Naga lives matter. Kuki… pic.twitter.com/ZHVHxKFJEO
— ANI (@ANI) September 22, 2026
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