आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोड़े की खुदकुशी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस बीच, संस्थान की थर्ड ईयर की टॉपर प्रिया मिश्रा के बयान ने पूरे देश में एक नई बहस छेड़ दी है। प्रिया ने आरोपी प्रोफेसर सूर्य नारायण दुल्ला का खुलकर बचाव किया है।
नकल की तो प्रोफेसर की गलती क्या? प्रिया मिश्रा ने इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि साहिल के परिवार के प्रति संवेदना है, लेकिन प्रोफेसर दुल्ला को सजा क्यों दी जा रही है? उन्होंने तर्क दिया कि अगर छात्र ने परीक्षा में मोबाइल से नकल नहीं की होती, तो प्रोफेसर कोई कार्रवाई ही नहीं करते। उनके अनुसार, नियमों का पालन करना शिक्षक की जिम्मेदारी है।
30-40 पर्सेंटाइल और पढ़ाई का दबाव टॉपर प्रिया ने आईआईटी में छात्रों के प्रवेश और दबाव को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, आप 30-40 पर्सेंटाइल के साथ आईआईटी में आते हैं और फिर पढ़ाई का दबाव नहीं झेल पाते। इसी कारण छात्र नकल का सहारा लेते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संस्थान में मेहनत करने वाले मेधावी छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
माता-पिता और सिस्टम पर उठाए सवाल प्रिया ने इस मामले में केवल छात्र या शिक्षक को जिम्मेदार मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी माता-पिता और उस एजुकेशन सिस्टम की भी है, जिसने एक ऐसे छात्र को उस संस्थान में भेजा जो वहां के अकादमिक दबाव को संभालने में सक्षम नहीं था। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि ऐसे मामले में माता-पिता पर भी सवाल उठने चाहिए।
ईमानदार शिक्षकों का मनोबल गिरेगा प्रोफेसर सूर्य नारायण दुल्ला के इस्तीफे पर प्रिया ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि अपनी ड्यूटी ईमानदारी से निभाने पर शिक्षकों को इस्तीफा देना पड़े, तो यह देश के हर ईमानदार शिक्षक के लिए एक बुरा संदेश है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसे ही हालात रहे, तो भविष्य में परीक्षा में नकल करना किसी के लिए भी शर्मनाक नहीं रह जाएगा।
क्या है पूरा मामला? 18 सितंबर को 22 वर्षीय साहिल वाकोड़े ने हॉस्टल में आत्महत्या कर ली थी। साहिल पर परीक्षा के दौरान चैटजीपीटी के इस्तेमाल का आरोप था। साहिल के पिता ने प्रोफेसर दुल्ला पर जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। छात्र विरोध के बाद प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है।
प्रिया मिश्रा का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जहां लोग शिक्षा प्रणाली और छात्र-शिक्षक के रिश्तों पर अलग-अलग राय रख रहे हैं।
IIT बॉम्बे की टॉपर प्रिया मिश्रा का बयान चर्चा में है।
— Manoj Singh (@PracticalSpy) September 21, 2026
तीसरे साल की छात्रा प्रिया मिश्रा ने कहा —
“छात्र के परिवार के लिए दुख है। लेकिन सूर्यनारायण सर को सजा क्यों मिल रही है? अगर नकल नहीं होती, तो सर कोई कार्रवाई नहीं करते।
30-40 पर्सेंटाइल लेकर IIT में आ जाते हो, और फिर… pic.twitter.com/0mGTrcmGCA
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