ब्रिक्स में चीन का बड़ा दांव: शी जिनपिंग ने भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए पेश कीं पांच नई पहल
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चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के बीच आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पांच प्रमुख प्रस्ताव रखे हैं। इन पहलों का उद्देश्य बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच ब्रिक्स राष्ट्रों की सामूहिक ताकत को बढ़ाना है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अग्रणी भूमिका शी जिनपिंग की पहली पहल एआई के सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग पर केंद्रित है। चीन ने ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर एआई नवाचार और शोध साझा करने का प्रस्ताव रखा है। इसका लक्ष्य स्वास्थ्य, कृषि और वित्त जैसे क्षेत्रों में एआई के लाभों को आम जनता तक पहुंचाना और तकनीकी मानकों पर एक साझा समझ विकसित करना है।

व्यापार और निवेश की बाधाएं होंगी कम दूसरी पहल का मकसद ब्रिक्स देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को खत्म करना और निवेश के लिए एक सरल माहौल तैयार करना है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और व्यापारिक तनाव के बीच, यह पहल सदस्य देशों के बाजारों को आपस में जोड़ने और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

डिजिटल अर्थव्यवस्था और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग शी ने डिजिटल परिवर्तन को गति देने का आग्रह किया है, जिससे ई-कॉमर्स और डिजिटल भुगतान के जरिए छोटे व्यवसायों को वैश्विक बाजार मिल सके। इसके साथ ही, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग के जरिए रोबोटिक्स और ऑटोमेशन को बढ़ावा देने की बात कही गई है, ताकि उत्पादन क्षमता को अधिक कुशल और गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सके।

भविष्य की पीढ़ी के लिए प्रतिभा विकास पांचवीं पहल वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की नई पीढ़ी तैयार करने पर केंद्रित है। शी ने ब्रिक्स देशों के शैक्षणिक संस्थानों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और ज्ञान के आदान-प्रदान का प्रस्ताव दिया है। योजना है कि तकनीकी विशेषज्ञों की एक मजबूत कार्यबल तैयार की जाए जो भविष्य की वैश्विक चुनौतियों का सामना कर सकें।

आगे की राह: शब्दों से नतीजों तक का सफर ये पांच पहल तकनीक, कारोबार और मानव संसाधन को एक कड़ी में पिरोने का प्रयास हैं। हालांकि ये प्रस्ताव ब्रिक्स सहयोग की दिशा तय करते हैं, लेकिन इनका वास्तविक असर सदस्य देशों के बीच होने वाली व्यावहारिक कार्ययोजना और संस्थागत तालमेल पर निर्भर करेगा। यह पहल स्पष्ट करती है कि चीन इन क्षेत्रों के जरिए ब्रिक्स की वैश्विक भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने का इच्छुक है।

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