2100 रुपये के लालच में मौत से दौड़, घोड़ों का इंजेक्शन लेते ही मैदान पर गिरे आर्मी के दो युवा!
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आगरा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने खेल और युवाओं की फिटनेस ट्रेनिंग पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सेना में भर्ती होने का सपना देख रहे दो युवाओं ने मात्र 2100 रुपये के नकद इनाम के लिए अपनी जान दांव पर लगा दी। स्टैमिना बढ़ाने के चक्कर में उन्होंने जो किया, वह जानकर डॉक्टर भी सन्न रह गए।

घोड़ों वाला इंजेक्शन खाकर दौड़े युवा आगरा के एक गांव में 6 किलोमीटर की मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया था। इसमें हिस्सा लेने वाले दो युवाओं, 16 वर्षीय श्यामवीर सिकरवार और 22 वर्षीय गौरव ने अपनी परफॉर्मेंस तुरंत सुधारने के लिए एक खतरनाक कदम उठाया। इन दोनों ने दौड़ से पहले इंसानी दवाओं के बजाय घोड़ों को दिए जाने वाले स्टेरॉयड इंजेक्शन का सेवन किया।

रेस तो जीती, पर थम गईं सांसें नशे और स्टेरॉयड के प्रभाव में दोनों युवाओं ने दौड़ में जबरदस्त प्रदर्शन किया। श्यामवीर ने दूसरा और गौरव ने चौथा स्थान हासिल कर लिया। लेकिन, जैसे ही उन्होंने फिनिश लाइन पार की, उनका शरीर इस खतरनाक दवा का दबाव झेल नहीं पाया। चंद पलों में ही दोनों मैदान पर गश खाकर बेसुध होकर गिर पड़े।

अस्पताल में दो घंटे तक चली जिंदगी-मौत की जंग युवाओं की हालत बिगड़ते ही अफरा-तफरी मच गई। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने उनकी जान बचाने के लिए करीब दो घंटे तक कड़ी मशक्कत की। समय पर इलाज मिलने के कारण दोनों की जान तो बच गई, लेकिन उनके शरीर को काफी नुकसान पहुंचा है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ खौफनाक वीडियो इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि जीत के जुनून और गलत शॉर्टकट के कारण युवा अपनी सेहत के साथ कैसा खिलवाड़ कर रहे हैं। लोग इस बात को लेकर हैरान हैं कि आखिर आम युवाओं की पहुंच घोड़ों के स्टेरॉयड इंजेक्शन तक कैसे हो रही है।

डॉक्टरों की चेतावनी: शॉर्टकट हो सकता है जानलेवा इस मामले पर सीएससी सुपरिटेंडेंट डॉ. आर.के. सिंह ने कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना डॉक्टरी सलाह के परफॉर्मेंस-एनहांसिंग ड्रग्स या स्टेरॉयड का सेवन सीधे तौर पर ऑर्गन फेलियर और हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। डॉक्टरों ने युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी तरह के घातक शॉर्टकट के बजाय प्राकृतिक मेहनत और अनुशासन पर भरोसा रखें, क्योंकि एक गलत फैसला जिंदगीभर का पछतावा या मौत का कारण बन सकता है।

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