रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूरोप की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के लिए पश्चिमी देशों के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है। जर्मनी के हालिया चुनावों में दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी (AfD) की जीत पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि यूरोप आज उन्हीं नेताओं की गलत नीतियों की कीमत चुका रहा है, जो खुद को दुनिया का सर्वेसर्वा समझते थे।
पश्चिमी देशों का अहंकार और उनकी गलतियां पुतिन ने कहा कि शीत युद्ध की समाप्ति और सोवियत संघ के विघटन के बाद पश्चिमी देशों में एक तरह का अहंकार पैदा हो गया था। उन्हें लगा कि वे अपराजेय हैं और उनसे कोई गलती नहीं हो सकती। राष्ट्रपति के अनुसार, सुरक्षा, व्यापार और राजनीति के क्षेत्र में लिए गए इन्हीं अहंकारी फैसलों ने आज पूरे यूरोप को संकट के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है।
रूस से कोई खतरा नहीं यूरोप में रूस के हमले के डर को पूरी तरह खारिज करते हुए पुतिन ने कहा कि न तो रूस ने कभी किसी को धमकी दी है और न ही आगे ऐसी कोई मंशा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब यूरोप के साथ रूस का कोई बुनियादी विवाद ही नहीं है, तो टकराव का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने इन आशंकाओं को आधारहीन बताया और कहा कि रूस को लेकर बनाया जा रहा डर पूरी तरह से काल्पनिक है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी पर सवाल पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद की व्यवस्था और सोवियत संघ के विघटन के दौरान हुए समझौतों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि उस समय जो भी फैसले लिए गए थे, वे रूस की सहमति से थे। पुतिन ने आरोप लगाया कि अब पश्चिमी देश उन पुराने समझौतों को तोड़कर अंतरराष्ट्रीय नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं, जो न केवल रूस के खिलाफ है, बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी घातक है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब यूरोपीय देश अपनी गिरती अर्थव्यवस्था और बदलती राजनीतिक जमीन से जूझ रहे हैं। पुतिन का यह रुख यह दर्शाता है कि रूस अब पश्चिमी देशों को आईना दिखाने की कोशिश कर रहा है।
Delhi: Russian President Vladimir Putin says, There is no such threat, and there has never been. We are not threatening European countries, nor are we going to threaten them. Why would we? No one seems to even consider that we have no grounds for any conflict with Europe. All… pic.twitter.com/bmBERVr1Nl
— ANI (@ANI) September 12, 2026
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