9/11 आतंकी हमले की बरसी पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है। व्हाइट हाउस में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के दौरान ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं हासिल करने दिया जाएगा।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उन सैनिकों का सम्मान करता है जो यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दुनिया में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला नंबर-1 देश ईरान परमाणु शक्ति न बन सके। उन्होंने ईरान के साथ जारी टकराव को अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी करार दिया।
परमाणु कार्यक्रम पर बढ़ा तनाव ट्रंप प्रशासन ने सत्ता में आने के बाद से ही ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म करना चाहिए। उन्होंने ईरान की परमाणु सुविधाओं को निशाना बनाने की चेतावनी भी दी है।
वहीं, ईरान का दावा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और नागरिक उद्देश्यों के लिए है। ईरान ने उन अंतरराष्ट्रीय प्रस्तावों को खारिज कर दिया है जिनमें उसे परमाणु नियमों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
अस्तित्व के संकट में ईरान? ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के हालिया प्रस्ताव को अमेरिका और उसके सहयोगियों का राजनीतिक हथियार बताया है। तेहरान का कहना है कि उस पर अत्यधिक दबाव डाला जा रहा है, जिससे क्षेत्र की स्थिति नाजुक और खतरनाक हो गई है।
पश्चिम द्वारा लगाए गए कड़े प्रतिबंधों के विरोध में ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को ब्लॉक करने की धमकी दी है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान का पक्ष ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि उनका देश आर्थिक, वित्तीय और बुनियादी ढांचे पर चौतरफा दबाव झेल रहा है। प्रेसिडेंट पेजेश्कियन के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता ने इस तनाव को एक खतरनाक स्तर पर पहुँचा दिया है, जिसके परिणाम पूरी दुनिया को भुगतने पड़ सकते हैं।
#WATCH | US President Donald Trump participates in the 9/11 observance ceremony
— ANI (@ANI) September 11, 2026
He says, We will never ever forget. That s why we fight today. We don t have a choice. There can only be victory. We fight hard. We fight to win. We will always remember the victims and the families… pic.twitter.com/VwLigEE1u8
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