नीट विरोध प्रदर्शन: छात्र को नोटिस भेजने पर भड़के CJI, मजिस्ट्रेट से मांगा जवाब
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नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि देश के युवाओं के खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या है पूरा मामला? सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर को नीट विरोध में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर (FIR) रद्द करने का ऐतिहासिक आदेश दिया था। इसके बावजूद, ग्रेटर नोएडा के एक एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (GBU) के छात्र अक्षत त्रिपाठी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।

CJI की सख्त टिप्पणी मामले की सुनवाई के दौरान CJI ने नाराजगी जताते हुए साफ कहा, देश के युवाओं के खिलाफ किसी भी कार्रवाई का सवाल ही नहीं उठता। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित मजिस्ट्रेट से जवाब-तलब करने की बात कही है।

5 लाख रुपये का मुचलका और दो जमानतदार ग्रेटर नोएडा पुलिस ने बीएनएसएस की धारा 130 के तहत अक्षत त्रिपाठी को नोटिस दिया था। पुलिस का आरोप था कि छात्र ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में अन्य विद्यार्थियों को उकसाया था। नोटिस में छात्र से 5 लाख रुपये का मुचलका और इतनी ही राशि के दो स्थानीय जमानतदार पेश करने को कहा गया था।

छात्र ने आरोपों को नकारा अक्षत त्रिपाठी ने पुलिस के दावों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध में हिस्सा लिया था। उन्होंने यह भी बताया कि जब विरोध प्रदर्शन हुआ, उस दौरान विश्वविद्यालय पहले से ही तीन महीने के लिए बंद था। संसद मार्च के दौरान उन्हें पुलिस की कार्रवाई में चोट भी आई थी।

विवाद बढ़ते ही बैकफुट पर पुलिस मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस प्रशासन बैकफुट पर आ गया। मंगलवार को पुलिस ने स्पष्ट किया कि 4 सितंबर को जारी किया गया नोटिस निरस्त कर दिया गया है। अधिकारियों का तर्क था कि यह केवल एक एहतियाती कदम था, न कि कोई सजा।

छात्र संगठन और राजनीतिक दलों का विरोध स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) ने इस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। वहीं, सामाजिक संगठनों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों का यह रवैया अदालत की अवमानना जैसा है। अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट द्वारा मजिस्ट्रेट से मांगे गए स्पष्टीकरण पर टिकी हैं।

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