जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प का मामला एक बार फिर गरमा गया है। निशु आजाद के पिता संजय आजाद का एक पुराना वीडियो सामने आने के बाद इस पूरे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। इस वीडियो ने न केवल पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मामले की सच्चाई को लेकर दोनों पक्षों के दावों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है।
वायरल वीडियो में क्या बोले संजय आजाद? सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में संजय आजाद उस दिन की झड़प का जिक्र करते हुए बेहद आक्रामक नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा, कुछ लोग कह रहे हैं कि मेरे सिर पर चोट अनजाने में लगी। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर पुलिस दो मिनट और नहीं आती, तो आप देख सकते थे कि सामने वाले (स्वतंत्र भारद्वाज) की क्या हालत होती। संजय का आरोप है कि पुलिस को लगा कि वे ही हमला कर रहे हैं, इसलिए उन्हें पकड़ लिया गया।
स्वतंत्र भारद्वाज का आत्मरक्षा वाला दावा दूसरी तरफ, स्वतंत्र भारद्वाज इस पूरी घटना को आत्मरक्षा का नाम दे रहे हैं। उनका तर्क है कि संजय आजाद पर किया गया हमला मजबूरी में था। अब इस नए वीडियो के सामने आने के बाद CJP समर्थकों का कहना है कि यह वीडियो साबित करता है कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। पार्टी ने इसे आधार बनाकर पुलिस पर गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ा दिया है।
संसद मार्ग थाने पर मचा बवाल वीडियो सामने आने के बाद CJP के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस दौरान निशु आजाद के साथ आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस अब तक आरोपियों को बचाने का काम कर रही है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर तुरंत गिरफ्तारी की जाए।
पुलिस ने मानी गलती, एफआईआर में बदलाव की तैयारी दबाव बढ़ता देख दिल्ली पुलिस अब सक्रिय हुई है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने माना है कि मामले की शुरुआती जांच में कुछ तथ्य छूट गए थे। कांग्रेस की कानूनी टीम और युवा कांग्रेस अध्यक्ष अक्षय लकड़ा के साथ बैठक के बाद पुलिस ने एफआईआर में एससी-एसटी कानून की धाराएं जोड़ने पर सहमति जताई है। अन्य गंभीर धाराओं को लेकर मेडिकल रिपोर्ट का इंतज़ार किया जा रहा है।
राजनीतिक घेराबंदी और राहुल गांधी की एंट्री इस मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। निशु आजाद ने इसके लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मदद मांगी थी, जिसके बाद कांग्रेस की कानूनी टीम सक्रिय हो गई है। प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव की मौजूदगी ने भी मामले को राष्ट्रीय सुर्खियों में ला दिया है। अब जांच का दारोमदार इस बात पर है कि पुलिस वीडियो फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इस उलझी हुई गुत्थी को कैसे सुलझाती है।
स्वतंत्र भारद्वाज को पुलिस ने बचा लिया वरना
— Abhay Pratap Singh (बहुत सरल हूं) (@IAbhay_Pratap) September 4, 2026
ये निशु आजाद के पिता का बयान है, जिसे आप ख़ुद सुनिए
- मुझे गलती से चोट लगी थी
- स्वतंत्र का फ़ोटो देखो, उसको पीटा जा रहा था
- पुलिस को लगा कि मुझे पीट रहे हैं तो पुलिस ने मुझे पकड़ लिया
- अगर 2 मिनट पुलिस न आती तो फ़ोटो में देख सकते… https://t.co/zqMKUtXxvC pic.twitter.com/WAGd6UI5LM
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