राजस्थान में मानसून की वापसी: 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, कोटा-भरतपुर में बरसेंगे बादल
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राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़े मानसून ने फिर से करवट ली है। मौसम विभाग (IMD) ने 4 सितंबर से प्रदेश के बड़े हिस्से में बारिश की गतिविधियां तेज होने का पूर्वानुमान जताया है। इस बार मानसून पूर्वी राजस्थान पर अधिक मेहरबान रहेगा।

4 से 7 सितंबर तक जोरदार बारिश का दौर

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन की संभावना है। 4 और 5 सितंबर को कोटा संभाग के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है।

इन जिलों पर रहेगा विशेष प्रभाव

भारी बारिश, वज्रपात और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं को देखते हुए कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मुख्य रूप से अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झालावाड़, करौली, कोटा, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक शामिल हैं।

जयपुर और अन्य शहरों का मिजाज

जयपुर में आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में मानसून का असर अपेक्षाकृत कम रहेगा। हालांकि, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और नागौर में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं के साथ येलो अलर्ट जारी किया गया है।

तापमान में राहत, लेकिन उमस बनी रहेगी

पिछले 24 घंटों में बारिश थमने के कारण श्रीगंगानगर 39.4 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा। आगामी बारिश के दौर से तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की जाएगी, लेकिन बारिश के बीच और बाद में बढ़ रही उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

बारिश का सिस्टम और राहत

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया सक्रिय हो गया है, जो उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसका असर 4 सितंबर से राजस्थान में स्पष्ट दिखाई देगा। यह बारिश खरीफ की फसलों जैसे सोयाबीन, बाजरा, मक्का और मूंग के लिए संजीवनी साबित होगी।

8 सितंबर के बाद फिर घटेगी बारिश

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की यह सक्रियता 7 सितंबर तक बनी रहेगी। 8 सितंबर से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर से कमी आने की प्रबल संभावना है। हालांकि, 11 से 17 सितंबर के बीच बारिश सामान्य रहने का अनुमान जताया गया है।

सावधानी: भारी बारिश की चेतावनी वाले इलाकों में निचले हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने नागरिकों को नदी-नालों के आसपास सावधानी बरतने और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

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