प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच से क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद और आर्थिक सहयोग को लेकर एक स्पष्ट और दमदार विजन पेश किया है। अपने संबोधन में उन्होंने संगठन को महज बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस धरातल पर काम करने की नसीहत दी।
यहाँ पीएम मोदी के भाषण की 10 महत्वपूर्ण बातें हैं:
प्रधानमंत्री ने कहा कि SCO की सफलता के लिए सुरक्षा , कनेक्टिविटी और अवसर पर ध्यान केंद्रित करना अनिवार्य है। उन्होंने जोर दिया कि अब समय केवल विजन पेश करने का नहीं, बल्कि ऐसे फैसले लेने का है जिनके परिणाम जमीन पर दिखाई दें।
पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि केवल आतंकियों को खत्म करना काफी नहीं है; हमें आतंकवाद की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और उन्हें सुरक्षित ठिकाने देने वाले पूरे नेटवर्क (इकोसिस्टम) को नष्ट करना होगा।
बिना नाम लिए पड़ोसी देशों को आड़े हाथों लेते हुए पीएम ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को कभी भी रणनीतिक हथियार (Strategic Asset) के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ पूरी दुनिया को एकजुट होना होगा।
अफगानिस्तान के हालात पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वहां शांति और स्थिरता बेहद जरूरी है। पीएम ने अफगान नागरिकों के लिए निरंतर मानवीय सहायता और विकास कार्यों को जारी रखने का आह्वान किया ताकि वहां जनजीवन सामान्य हो सके।
वैश्विक तनावों पर पीएम मोदी ने साफ किया कि युद्ध या तनाव समाधान नहीं हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्रीय या वैश्विक विवाद को इस हद तक नहीं बढ़ाना चाहिए कि उससे अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन और ऊर्जा सुरक्षा को खतरा पैदा हो। सभी मसले बातचीत से हल होने चाहिए।
ड्रग तस्करी और संगठित अपराधों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताते हुए पीएम ने कहा कि SCO देशों को अपने सिस्टम के बीच तालमेल बढ़ाना होगा ताकि अपराधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
पीएम मोदी ने ऐसी कनेक्टिविटी का समर्थन किया जो भरोसेमंद हो और सभी देशों के साथ मिलकर बनाई गई हो। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि कोई भी कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट संबंधित देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने वाला होना चाहिए।
व्यापार को बढ़ावा देने के लिए पीएम ने कस्टम प्रक्रियाओं के सरलीकरण, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को आधुनिक बनाने पर जोर दिया, ताकि SCO देशों के बीच व्यापार सुगम और तेज हो सके।
पीएम मोदी ने कहा कि SCO का सहयोग केवल सरकारी फाइलों तक सीमित न रहे। इसे युवाओं, उद्यमियों और आम नागरिकों के लिए वास्तविक अवसर पैदा करने वाला होना चाहिए ताकि इसका लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे।
युवा पीढ़ी को जोड़ने के लिए पीएम ने साइंस, स्टार्टअप और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने की बात कही। इसके तहत SCO स्टार्टअप फोरम, यंग साइंटिस्ट फोरम और प्रस्तावित सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम जैसी पहलों को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया, जिसका पहला सत्र भारत में होगा।
निष्कर्ष: पीएम मोदी का यह संदेश साफ है—SCO को अब केवल कागजी घोषणाओं से बाहर निकलकर सुरक्षा और विकास के नए मानक स्थापित करने होंगे। भारत की प्राथमिकता एक सुरक्षित, समृद्ध और जुड़ा हुआ क्षेत्रीय ढांचा तैयार करना है।
Prime Minister Narendra Modi outlined India’s SCO vision based on Security, Connectivity and Opportunity, calling for stronger regional ties, greater trade and connectivity, respect for sovereignty, and zero tolerance for terrorism and double standards.
— DD News (@DDNewslive) September 1, 2026
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