मथुरा: उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और भव्य मंदिर निर्माण को लेकर संतों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। चित्रगुप्त पीठ में आयोजित एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम के दौरान 6 दिसंबर को कारसेवा शुरू करने की औपचारिक घोषणा की गई है।
संतों ने फूंका कारसेवा का बिगुल चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज के नेतृत्व में संतों ने हुंकार भरी है। कार्यक्रम में कृष्ण लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे के नारे गूंजे। संतों ने स्पष्ट किया कि अयोध्या में राम मंदिर के बाद अब मथुरा की बारी है। स्वामी सच्चिदानंद का दावा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उन्हें कारसेवा के लिए अनुमति मिल गई है और सितंबर महीने से संत जन्मभूमि की ओर कूच करेंगे।
यज्ञ और अनुष्ठान का दौर जारी मंदिर निर्माण के संकल्प को सिद्ध करने के लिए चित्रगुप्त पीठ में विधिवत हवन-यज्ञ और भागवत कथा का आयोजन किया गया। पीठाधीश्वर ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य से पहले हवन और कीर्तन अनिवार्य है। इस यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद अब कारसेवा के लिए शंखनाद का समय आ गया है।
आश्रम से गायब हुआ गुलाबी पत्थर इस पूरे घटनाक्रम के बीच एक बड़ी और रहस्यमयी खबर सामने आई है। मंदिर निर्माण के लिए राजस्थान से मंगाया गया एक विशेष गुलाबी पत्थर , जिसे आश्रम में सुरक्षित रखा गया था, अचानक गायब हो गया है। स्वामी सच्चिदानंद ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि पत्थर अपनी निर्धारित जगह पर नहीं है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में जुटे हैं कि आखिर यह पत्थर किसने और कैसे गायब किया।
प्रशासनिक दबाव और कानूनी मांगें संतों ने राष्ट्रपति और मुख्य न्यायाधीश को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है। इसमें पूजा स्थल अधिनियम (Place of Worship Act), 1991 को रद्द करने और श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर जल्द फैसला सुनाने की मांग शामिल है। स्वामी सच्चिदानंद ने आरोप लगाया है कि प्रशासन और पुलिस लगातार संतों पर दबाव बना रहे हैं और उनके साथ बुरा बर्ताव किया जा रहा है।
आर-पार के मूड में संत प्रशासनिक सख्ती के बावजूद संतों ने साफ कर दिया है कि वे अपने संकल्प से पीछे नहीं हटेंगे। स्वामी सच्चिदानंद ने कहा, प्रशासनिक दबाव के कारण हमारा कार्यक्रम नहीं रुकेगा। हम अपने प्राणों की आहुति देकर भी श्री कृष्ण को मुक्त कराएंगे। फिलहाल मथुरा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और माहौल काफी संवेदनशील बना हुआ है।
*Mathura, Uttar Pradesh: A ritual ceremony is being organised at the Chitragupta Peeth regarding the announcement of Shri Krishna Janmabhoomi Kar Seva. A havan-yajna was performed to pray for the liberation of the Krishna Janmabhoomi pic.twitter.com/SXecWKdMjl
— IANS (@ians_india) August 9, 2026
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