उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इसमें सीएम का एक ऐसा तेवर दिखा है जिसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है।
कुर्सी का डर नहीं, काम की चिंता वायरल हो रहे वीडियो में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हुए सुनाई दे रहे हैं, जो कुर्सी कल जानी है, वह आज ही चली जाए, मुझे इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चलाने के लिए विजन और समय दोनों की आवश्यकता होती है, और वह सिर्फ जनता के लिए काम करने आए हैं।
नोएडा और धार्मिक स्थलों का अंधविश्वास तोड़ा सीएम योगी ने याद दिलाया कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नोएडा या कुछ विशेष धार्मिक स्थलों पर जाने से कतराते थे। उन्हें डर था कि वहां जाने से उनकी कुर्सी छिन जाएगी। योगी ने कहा, जब मुझे यह बात बताई गई, तो मैंने साफ कहा कि अगर कुर्सी जाती है तो आज ही चली जाए, मैं जनता की सुनवाई के लिए वहां जरूर जाऊंगा।
विपक्ष पर तीखा हमला मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले के नेता जनता के बीच जाने से डरते थे, इसीलिए जनता ने उन्हें सत्ता से हमेशा के लिए विदा कर दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जो लोग खुद को नहीं संभाल सकते, वे 25 करोड़ की जनता को क्या संभालेंगे।
दंगों को लेकर सख्त रुख सपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए सीएम ने कहा कि पहले दंगाइयों के सामने सरकार घुटने टेकती थी। उन्होंने संभल की हालिया घटना का जिक्र करते हुए कहा कि दंगा कराने की कोशिश करने वालों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ऐसे लोगों को सिखाना होगा कि दंगा कैसे होता है और उसका अंजाम क्या होता है।
सियासी चर्चाओं का बाजार गर्म योगी आदित्यनाथ के इस बयान को उनके बेबाक तेवर और जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। जहां बीजेपी समर्थक उनके इस रुख की सराहना कर रहे हैं, वहीं विपक्षी पार्टियां भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया देने की तैयारी में हैं। सोशल मीडिया पर यह वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा है और उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस बयान के गहरे अर्थ निकाले जा रहे हैं।
*हमने कहा- जो कुर्सी कल जानी है, वह आज चली जाए...
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) August 7, 2026
लेकिन जनता के लिए आए हैं, जनता की सुनवाई करेंगे... pic.twitter.com/cLLnJyqbM9
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