ट्रंप के इग्नोर से बैकफुट पर पाकिस्तान, ईरान-अमेरिका जंग में मध्यस्थता का सपना टूटा
News Image

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए एक बार फिर शर्मिंदगी की स्थिति पैदा हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान-अमेरिका तनाव के बीच मध्यस्थता करने वाले देशों की सूची से पाकिस्तान का नाम पूरी तरह बाहर कर दिया है। महीनों से इस भूमिका के लिए छटपटा रहे पाकिस्तान को अमेरिका ने कोई तवज्जो नहीं दी।

ट्रंप की सूची में पाक गायब डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान के साथ चल रही बातचीत का ब्यौरा देते हुए कहा, हम ईरान की रिक्वेस्ट पर बातचीत कर रहे हैं। इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की सक्रिय भूमिका है। इस बयान में पाकिस्तान का नाम न होना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि वॉशिंगटन अब इस्लामाबाद को इस संवेदनशील कूटनीतिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं मानता।

क्यों भरोसे के लायक नहीं रहा पाकिस्तान? पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर अमेरिका और ईरान दोनों को संदेह है। ईरानी प्रशासन पहले ही पाकिस्तान के अमेरिकी झुकाव को देखते हुए उससे दूरी बना चुका है। वहीं, अमेरिका में भी पाक को लेकर गहरा अविश्वास है। पूर्व सीनेटर लिंडसे ग्राहम जैसे दिग्गजों ने पहले ही आगाह किया था कि पाकिस्तान के एयरबेस का इस्तेमाल ईरान के सैन्य हितों के लिए किया जा रहा है।

चीन और ईरान का गुप्त मददगार बना पाकिस्तान? हालिया खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल चीन से ईरान तक हथियार पहुंचाने के लिए कर रहा है। आरोप है कि पाक के रास्ते चीनी एयर डिफेंस सिस्टम ईरान भेजे जा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन तक पहुंची इन खबरों ने पाकिस्तान की रही-सही साख भी खत्म कर दी है। ऐसे में अमेरिका के लिए पाकिस्तान का मध्यस्थ बनना असंभव है।

ईरान को ट्रंप की अंतिम चेतावनी मध्यस्थों की घोषणा के साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। व्हाइट हाउस में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान के पास परमाणु समझौते को स्वीकार करने का यह आखिरी मौका है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, मैं उन्हें बर्बादी से पहले हर अंतिम अवसर देना चाहता हूं। अगर बातचीत विफल रही, तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

फजीहत का दौर जारी पाकिस्तान लंबे समय से खुद को वैश्विक कूटनीति का केंद्र दिखाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस बार ट्रंप ने उसे सिरे से नकार कर शहबाज शरीफ सरकार को कूटनीतिक हाशिए पर धकेल दिया है। मुनीर-शरीफ की जोड़ी के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनकी बातों को गंभीरता से लेने वाला कोई नहीं बचा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

महान शिक्षाविद डॉ. डी. वाई. पाटिल का निधन: देश भर में शोक की लहर, दिग्गजों ने दी श्रद्धांजलि

Story 1

2027 का रण: गठबंधन नहीं तो अकेले दम पर ताल ठोकेंगे ओवैसी, विपक्ष को दिया अल्टीमेटम

Story 1

बांकीपुर हार के बाद दिल्ली में हलचल: नीतीश-मोदी की मुलाकात में क्या हुई बात?

Story 1

जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर बच्चे: विदिशा में उफनती नदी के बीच मौत का सफर

Story 1

फरीदाबाद: 32 सेकंड में 34 वार, स्कूल में शिक्षिका की बर्बर हत्या; एकतरफा प्यार का खौफनाक अंत

Story 1

ये मौसमी मेंढक हैं... : इथेनॉल मुद्दे पर संदीप दीक्षित का केजरीवाल पर तीखा हमला

Story 1

श्रीलंका पहुंची टीम इंडिया: गिल की अगुवाई में मिशन फतह के लिए तैयार भारतीय शेर

Story 1

एयर इंडिया की फ्लाइट में खौफनाक टर्बुलेंस: सो रहे यात्रियों के लिए उड़ान बनी बुरा सपना

Story 1

बांकीपुर हार पर बीजेपी को प्रियंका चतुर्वेदी की दो टूक: युवा आक्रोश को समझने में हुई बड़ी चूक

Story 1

असम में बाढ़ का कहर: रेलवे का बड़ा फैसला, 11 ट्रेनें रद्द और कई के बदले रूट