अमेरिका छोड़कर भारत क्यों लौटे अभिजीत दिपके? कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने खोले कई राज
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देश की राजनीति में चर्चा का विषय बनी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने अमेरिका से भारत लौटने के पीछे की असली वजह का खुलासा किया है। छत्रपति संभाजीनगर में एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने बताया कि कैसे एक विदेशी धरती पर मिली पहचान ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया।

अमेरिका में मिली पहचान बनी वापसी की वजह अभिजीत ने बताया कि अमेरिका में पढ़ाई के दौरान उन्हें केवल भारतीय छात्र के रूप में देखा जाता था और उनके प्रोफेसर व मित्र उन्हें भारत के प्रतिनिधि के तौर पर सम्मान देते थे। हालांकि, जब उन्हें पता चला कि अपने ही देश में उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया जा रहा है, तो उन्हें गहरा धक्का लगा। इसी भावनात्मक आघात और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी के अहसास ने उन्हें वापस भारत आने के लिए प्रेरित किया।

राजनीतिक दलों से समर्थन और संपर्क राजनीतिक मेल-मिलाप पर बात करते हुए दिपके ने स्पष्ट किया कि खराब स्वास्थ्य के कारण वे हाल फिलहाल किसी से नहीं मिल सके। हालांकि, उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के दौरे का जिक्र किया, जो राहुल गांधी की ओर से समर्थन का संदेश लेकर आए थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने भाजपा सहित कई राजनीतिक दलों से संवाद की कोशिश की है, क्योंकि उनका लक्ष्य किसी पार्टी विशेष को गिराना नहीं, बल्कि व्यवस्था की खामियों को सुधारना है।

चुनाव नहीं, पब्लिक प्रेशर ग्रुप की जरूरत नई पार्टी बनाने या चुनाव लड़ने की अटकलों को खारिज करते हुए दिपके ने कहा कि अभी देश को एक मजबूत पब्लिक प्रेशर ग्रुप की जरूरत है। आपातकाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने तर्क दिया कि लोकतंत्र पर मंडराते खतरों से लड़ने के लिए सिर्फ चुनाव लड़ना काफी नहीं है, बल्कि व्यापक जन-आंदोलन जरूरी है। उन्होंने साफ किया कि यदि भविष्य में सत्ता में कोई भी दल हो, अगर समस्याएं बनी रहीं, तो उनका संगठन उसके खिलाफ भी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगा।

संगठन को फिर से संगठित करने पर जोर CJP के भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता अपनी टीम को फिर से संगठित करना है। आंदोलन के दौरान उनके साथ 10-20 लोगों की छोटी टीम थी, जो अब बढ़कर 300 से अधिक स्वयंसेवकों तक पहुंच गई है। वे अब सभी वॉलंटियर्स से फीडबैक लेकर भविष्य की रणनीति तय करने की योजना बना रहे हैं।

आंदोलन में असामाजिक तत्वों पर सफाई नीट पेपर लीक आंदोलन के दौरान दिल्ली में असामाजिक तत्वों की मौजूदगी के आरोपों पर दिपके ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही अंदेशा जताया था कि आंदोलन को बदनाम करने के लिए बाहरी तत्वों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि आंदोलन में अपराधी मौजूद थे, तो सुरक्षा तंत्र में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और उन्हें वहां रहने का मौका किसने दिया। उन्होंने मांग की कि जिन पर आरोप हैं, उनकी निष्पक्ष सुनवाई होनी चाहिए और कानूनी प्रक्रिया समय पर पूरी की जानी चाहिए।

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