कौन हैं अस्मिता डे? साइकिल मैकेनिक की बेटी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में रचा इतिहास
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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 31 जुलाई का दिन भारतीय खेलों के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। त्रिपुरा की रहने वाली 23 वर्षीय जूडोका अस्मिता डे ने ग्लासगो के जूडो मैट पर वह करिश्मा कर दिखाया, जिसका लंबे समय से इंतजार था।

ऐतिहासिक स्वर्ण की गूंज अस्मिता डे ने महिला जूडो के फाइनल मुकाबले में कनाडा की हेइडी क्वाच को 2-1 से मात देकर स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया। इस जीत के साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में जूडो में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।

15 मिनट में मिली दोहरी खुशी ग्लासगो में भारतीय फैंस के लिए यह दिन दोगुना खास रहा। अस्मिता के स्वर्ण पदक जीतने के महज 15 मिनट के भीतर ही पुरुष वर्ग में हर्ष सिंह ने भी गोल्ड मेडल जीतकर देश को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दिलाई। इन दोनों खिलाड़ियों ने भारतीय खेल जगत में गौरव का माहौल बना दिया है।

साइकिल मैकेनिक की बेटी का संघर्ष अस्मिता की यह कामयाबी केवल एक मेडल नहीं, बल्कि संघर्ष की एक प्रेरणादायक दास्तां है। उनके पिता एक साइकिल मैकेनिक हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद, अस्मिता ने अपने सपनों को कभी मरने नहीं दिया। त्रिपुरा के एक छोटे से कस्बे बेलोनिया से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करना उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है।

एथलेटिक्स से जूडो तक का सफर अस्मिता की खेल में रुचि बचपन से ही थी। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 800 मीटर दौड़ (एथलेटिक्स) से की थी। बाद में उनका रुझान जूडो की ओर हुआ और उन्होंने इसे ही अपना जुनून बना लिया। 2015 में त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल से प्रशिक्षण शुरू करने के बाद, उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के भोपाल सेंटर में चुना गया, जिसने उनके करियर को नई ऊंचाई दी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबदबा अस्मिता 48 किलोग्राम भार वर्ग में भारत की एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में उभरी हैं। इससे पहले भी वह एशियन ओपन, जूनियर एशिया कप और कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप जैसे मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर अपनी तकनीक और धैर्य का लोहा मनवा चुकी हैं।


FAQ: अस्मिता डे से जुड़ी खास बातें

Q. अस्मिता डे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कौन सा पदक जीता? A. उन्होंने जूडो प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता। वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय बन गई हैं।

Q. अस्मिता डे कहां की रहने वाली हैं? A. वह त्रिपुरा के दक्षिण जिले के बेलोनिया क्षेत्र की रहने वाली हैं।

Q. अस्मिता डे के पिता का व्यवसाय क्या है? A. उनके पिता एक साइकिल मैकेनिक हैं।

Q. अस्मिता डे किस भार वर्ग में खेलती हैं? A. वह 48 किलोग्राम भार वर्ग में जूडो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हैं।

Q. उन्होंने जूडो की ट्रेनिंग कब शुरू की? A. उन्होंने साल 2015 में त्रिपुरा स्पोर्ट्स स्कूल से जूडो का पेशेवर प्रशिक्षण शुरू किया था।

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