संसद का पेपर लीक घमासान: गौरव गोगोई बोले- धर्मेंद्र प्रधान का स्वागत ऐसे हुआ जैसे पाकिस्तान से लड़कर आए हों
News Image

नई दिल्ली: लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इस बिल को सरकार की विफलता का स्मारक करार देते हुए शिक्षा प्रणाली में सुधार के बजाय इसे केवल दिखावा बताया।

बिल पर दिखावे का आरोप

गौरव गोगोई ने कहा कि सरकार जिस बिल को लेकर अपनी पीठ थपथपा रही है, वह केवल एक संशोधन है। उन्होंने नीट (NEET-UG) 2024 पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा कि, 2024 में चार्जशीटेड 46 आरोपियों में से 44 को जमानत मिल चुकी है। मास्टरमाइंड संजीव मुखिया लंबे समय तक फरार रहा और पकड़े जाने पर उसे भी राहत मिल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कानून से भ्रष्टाचारियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

एनटीए के अध्यक्ष को बचाने का दावा

एनटीए (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए गोगोई ने कहा कि संस्थान में कुल 34 पद स्वीकृत हैं, लेकिन 47 लोगों पर कार्रवाई की बात की जा रही है। उन्होंने पूछा, ये 47 लोग कौन हैं? एनटीए के डीजी को बदल दिया गया, लेकिन चेयरमैन को क्यों नहीं हटाया गया? गोगोई का आरोप है कि चेयरमैन एक विशेष संगठन से जुड़े हैं, इसलिए सरकार उन्हें हर हाल में बचा रही है।

धर्मेंद्र प्रधान सिर्फ एक सिंबल

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए गोगोई ने कहा कि, प्रधान जी का स्वागत सदन में ऐसे हुआ जैसे वे पाकिस्तान से जंग लड़कर आए हों। लेकिन पेनल्टी बढ़ाने से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी। धर्मेंद्र प्रधान केवल एक सिंबल हैं, उनके हटने या रहने से छात्रों का भविष्य बदलने वाला नहीं है।

युवाओं के दर्द और पुलिसिया दमन का जिक्र

गौरव गोगोई ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के प्रति पुलिस की सख्ती का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आए छात्रों पर लाठियां बरसाई गईं। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि कैसे पुलिस ने प्रदर्शनकारी लड़कियों से बदसलूकी की और पैलेट गन का इस्तेमाल किया।

गोगोई ने गोपालदास नीरज की पंक्तियों— कारवां गुजर गया, गुबार देखते रहे —के जरिए युवाओं में बढ़ती हताशा और आत्महत्या के मामलों पर सरकार को घेरा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्र अब डरने वाले नहीं हैं और वे अपने अधिकारों के लिए लोकतंत्र की ताकत दिखाकर रहेंगे।

कांग्रेस की मांग

गोगोई ने अंत में गृह मंत्री से इस पूरे घटनाक्रम और पुलिसिया दमन पर जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि यह कानून इसलिए लाया गया है क्योंकि सरकार प्रदर्शनों को कुचलने में विफल रही है। सदन में यह चर्चा अभी जारी है और विपक्ष लगातार सरकार से एनटीए की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

दिल्ली कूड़ा संकट: क्या इंदौर का सफलता फॉर्मूला बचा पाएगा राजधानी को?

Story 1

लोकसभा में गूंजी युवाओं की चीख: प्रियंका गांधी ने सरकार से पूछा- छात्रों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया?

Story 1

अमरनाथ यात्रियों से भरी बस 20 मीटर गहरी खाई में गिरी, बड़ा हादसा टला

Story 1

दिल्ली में बादलों का तांडव : मूसलाधार बारिश से सड़कों पर समंदर, रेड अलर्ट जारी

Story 1

शाओमी और रेडमी के शौकीनों को बड़ा झटका, इन पॉपुलर स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ीं

Story 1

वर्दी हुई शर्मसार: ड्यूटी पर तैनात ASI ने TC ऑफिस में किया पेशाब, वीडियो वायरल

Story 1

प्रधानमंत्री को कैमरे का नहीं, दिल का एंगल बदलना होगा: लोकसभा में प्रियंका गांधी का तीखा प्रहार

Story 1

क्या छात्र आतंकवादी हैं? प्रियंका गांधी ने लोकसभा में सरकार को घेरा, पैलेट गन और लाठीचार्ज पर पूछे तीखे सवाल

Story 1

पहले तबाही मचाओ, फिर अग्नि शमन का ढोंग: पेपर लीक पर अभिषेक बनर्जी का सरकार पर जोरदार हमला

Story 1

मौसम अलर्ट: 16 राज्यों में भारी तबाही का खतरा, 90 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं