दिल्ली से सीधे सिलीगुड़ी: 8 घंटे में गोरखपुर और आधे समय में पूर्वोत्तर भारत की यात्रा, जानें इस मेगा एक्सप्रेसवे की खूबियां
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उत्तर भारत से पूर्वोत्तर भारत के बीच की दूरी अब इतिहास बनने वाली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) 37,500 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे का निर्माण कर रहा है। यह 519.58 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा का समय घटाएगा, बल्कि व्यापार और लॉजिस्टिक्स की नई राहें भी खोलेगा।

दिल्ली से सिलीगुड़ी तक हाई-स्पीड कॉरिडोर का जाल यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए सीधे सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) से जोड़ेगा। वर्तमान में दिल्ली से सिलीगुड़ी जाने में 24 से 28 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह दूरी 200 किमी तक कम हो जाएगी और यात्री 15-16 घंटे में ही अपना सफर पूरा कर सकेंगे।

पांच राज्यों को मिलेगी नई संजीवनी यह फोर-लेन (6-लेन तक विस्तार योग्य) एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पांच राज्यों से होकर गुजरेगा। इसका रूट इस प्रकार है:

120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और सुरक्षा यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे है, जिस पर बाइक या तिपहिया वाहनों का प्रवेश वर्जित होगा। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा है, जिससे वाहन बिना किसी ट्रैफिक बाधा के फर्राटा भर सकेंगे। वर्तमान में गोरखपुर से सिलीगुड़ी की 640 किमी की दूरी 6 घंटे में सिमट जाएगी।

आर्थिक विकास का बनेगा महामार्ग यह एक्सप्रेसवे भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के समानांतर चलेगा, जिससे नेपाल के साथ व्यापार आसान होगा। इसके दोनों तरफ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स पार्क और कृषि प्रसंस्करण केंद्र विकसित करने की योजना है। साथ ही, यह रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे और सिलीगुड़ी-गुवाहाटी एक्सप्रेसवे से जुड़कर दिल्ली से सीधे गुवाहाटी तक निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

अधिग्रहण और निर्माण कार्य अंतिम चरण में परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में है और मुआवजा वितरण प्रक्रिया जारी है। NHAI द्वारा सिविल कंस्ट्रक्शन पैकेज के लिए टेंडर प्रक्रिया भी चल रही है। भारतमाला परियोजना के दूसरे चरण के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि देश के उत्तरी और पूर्वोत्तर हिस्सों के बीच लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई में क्रांतिकारी बदलाव आएगा। यह एक्सप्रेसवे अगले साल कई चरणों में जनता के लिए खोला जा सकता है।

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