NEET प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और मीडियाकर्मियों के साथ हुई बदसलूकी पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना रुख साफ कर दिया है। संगठन ने उन लोगों से किनारा कर लिया है जो इस प्रदर्शन की आड़ में हिंसा फैला रहे थे।
FIR वापस नहीं होगी CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदर्शन के दौरान जो लोग कैमरे में हिंसा भड़काते या तोड़फोड़ करते हुए पकड़े गए हैं, उन पर दर्ज FIR वापस नहीं ली जाएगी। संगठन का कहना है कि ऐसे लोगों को उनका समर्थक नहीं माना जा सकता। CJP ने इन्हें असामाजिक तत्व करार दिया है जो आंदोलन की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए इसमें शामिल हुए थे।
हिंसा पर संगठन का कड़ा रुख संगठन ने साफ तौर पर कहा कि किसी भी स्थिति में हिंसा को सही नहीं ठहराया जा सकता। CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इन कृत्यों की कड़ी निंदा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया या आम जनता के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा पूरी तरह से अस्वीकार्य है और कानून अपना काम करेगा।
मीडिया की भूमिका पर सवाल हिंसा की निंदा करने के साथ-साथ, CJP ने मीडिया संस्थानों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने कहा कि युवाओं में मीडिया के प्रति जो गहरा गुस्सा है, उसके लिए सिर्फ रिपोर्टर्स जिम्मेदार नहीं हैं।
CJP ने कहा, मीडिया मालिकों, एंकरों और एडिटर-इन-चीफ को इस बात पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि युवाओं के बीच उनके प्रति इतनी नाराजगी क्यों बढ़ रही है। संगठन का आरोप है कि कुछ चैनलों की रिपोर्टिंग को जनता प्रोपेगैंडा मान रही है, जिस पर उन्हें जवाबदेही तय करनी होगी।
प्रदर्शन की आड़ में विवाद और दावे इस पूरे घटनाक्रम के बीच प्रदर्शन से जुड़ी कई अन्य खबरें भी चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दावा किया जा रहा है कि जो व्यक्ति पहले लंगड़ाकर चलने का नाटक कर रहा था, वह अब डांस कर रहा है। इसके साथ ही, 23 दिन के अनशन के दावे पर भी सवाल उठ रहे हैं, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर लोगों को बेवकूफ बनाने की चर्चा तेज है।
फिलहाल, CJP ने हिंसा के आरोपियों से खुद को अलग कर कानूनी कार्रवाई का समर्थन किया है, लेकिन मीडिया के प्रति युवाओं की बढ़ती आक्रामकता पर उठाई गई उनकी टिप्पणी ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है।
VIDEO | Delhi: After talks between the CJP delegation and the government, during a joint press conference, CJP spokesperson Saurav Das says, “Whoever carried out these acts of violence, those anti-social elements who incited people against the media and the public, we condemn… pic.twitter.com/nwe6LPYzNG
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2026
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