क्या सम्राट चौधरी की आपराधिक छवि से शर्मिंदा हैं प्रशांत किशोर? बिहार की राजनीति में बड़ा धमाका
News Image

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के माहौल के बीच जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है। एक विशेष इंटरव्यू के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी चुभते हैं, तो पीके ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कई गंभीर खुलासे किए।

एक बिहारी के तौर पर मुझे शर्म आती है: प्रशांत किशोर सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोलते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, बिल्कुल, वे मुझे चुभते हैं। एक बिहारी होने के नाते मुझे इस बात पर शर्म आती है कि मेरे राज्य के उपमुख्यमंत्री पद पर एक ऐसा व्यक्ति बैठा है, जो हत्या के मामले में जेल जा चुका है।

पीके ने सम्राट चौधरी पर अपनी उम्र और डिग्री के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे व्यक्ति का नेतृत्व राज्य के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।

बीजेपी के सामने प्रशांत किशोर के तीन बड़े एजेंडे प्रशांत किशोर ने बांकीपुर चुनाव को लेकर बीजेपी के सामने तीन स्पष्ट शर्तें रखी हैं:

  1. दागरहित नेतृत्व: बीजेपी को सम्राट चौधरी को हटाकर किसी ऐसे व्यक्ति को कमान सौंपनी चाहिए जो काबिल हो, चरित्रवान हो और जिसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड न हो। पीके ने कहा कि अगर नेता कुशवाहा समाज से भी होगा, तो उन्हें आपत्ति नहीं, बशर्ते वह अपराधी न हो।
  2. राजनीतिक अहंकार का अंत: उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अब इतनी अहंकारी हो गई है कि वह अपने खुद के कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भी अनदेखी कर रही है।
  3. काम की राजनीति: पीके का मानना है कि एनडीए के पास भारी बहुमत होने के बावजूद विकास कार्य ठप हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ पीएम मोदी के नाम, हिंदू-मुसलमान के विवाद या लालू यादव के डर के दम पर चुनाव जीतना चाहती है।

बांकीपुर को क्यों बनाया जंग का मैदान? प्रशांत किशोर के लिए बांकीपुर को चुनना एक सोची-समझी रणनीति है। उन्होंने कहा, यह बीजेपी का गढ़ रहा है, इसलिए यहां लड़ने का अपना मजा है। उन्होंने दावा किया कि पूरी बीजेपी और उनके बड़े नेता आज बांकीपुर में डेरा डाले हुए हैं, जो यह साबित करता है कि वे डरे हुए हैं।

लालू का डर बना बीजेपी की ढाल पीके ने इस बात पर रोशनी डाली कि बांकीपुर में बीजेपी 30 सालों से क्यों नहीं हारी है। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्र के मतदाता लालू यादव के दल को वोट देने के बजाय बीजेपी को सेफर विकल्प मानते हैं।

उन्होंने जनता से अपील की कि यदि बांकीपुर में बीजेपी को हराया गया, तो राज्य के सभी 202 विधायक और मंत्री काम पर लग जाएंगे, क्योंकि उन्हें अपनी कुर्सी बचाने का डर सताने लगेगा।

हार पर बोले पीके अपनी पार्टी की पिछली चुनावी हार पर प्रशांत किशोर ने कहा कि हर पार्टी शुरुआत में हारती है। उन्होंने कहा कि चुनाव हारना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन जनता के मुद्दों के साथ खड़े होना सबसे महत्वपूर्ण है। अब देखना यह होगा कि बांकीपुर की जनता इस बड़े राजनीतिक घमासान में किसे अपना समर्थन देती है।

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

बिहार आएं अभिजीत दीपके : तेज प्रताप यादव ने सरकार गिराने के लिए मांगी मदद

Story 1

चाय से मेरा पुराना नाता: बिजनौर की महिलाओं की हर्बल टी अब देश-विदेश में मशहूर

Story 1

वो भाड़ में जाए! : लॉक अप 2 में हिना खान और शिल्पा शिंदे के बीच छिड़ी जंग, शिवांगी जोशी के नाम पर मचा बवाल

Story 1

अमाल मलिक का तनिष्क बागची को खुला चैलेंज: डिलीट किए ट्वीट्स, पर दी जिंदगी भर की चेतावनी

Story 1

अमाल मलिक का तनिष्क बागची पर फिर हमला: पोस्ट डिलीट करके भी दी सीधी चेतावनी, कहा- औकात में रहना

Story 1

विदेशी जमीन पर फिर बवाल: पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक का बॉलिंग एक्शन एक बार फिर शक के घेरे में

Story 1

CWG 2026: मीराबाई चानू की गोल्डन हैट्रिक पर नजर, भारत के लिए बेहद अहम है चौथा दिन

Story 1

हॉकी के मैदान में फिर बजा भारत का डंका, पाकिस्तान को 3-1 से हराकर जीता गोल्ड

Story 1

बतौर कप्तान पहली सीरीज जीत पर गदगद श्रेयस अय्यर, बोले- शानदार रहा टीम का प्रदर्शन

Story 1

15 साल के वैभव का धमाका: छोटी पारी खेलकर भी तोड़ा महेला जयवर्धने का बड़ा रिकॉर्ड