नड्डा जी, तारीख गलत है! JKSSB पेपर लीक पर उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री को घेरा
News Image

जवाबी हमला: मुख्यमंत्री ने किया स्पष्ट जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के दावों पर कड़ा पलटवार किया है। हाल ही में नड्डा ने JKSSB (जम्मू-कश्मीर सर्विस सिलेक्शन बोर्ड) पेपर लीक मामले में कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार को घेरा था। अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए नड्डा को सुधारा और स्पष्ट किया कि जिस घटना का वे जिक्र कर रहे हैं, उस समय राज्य में उनकी सरकार नहीं, बल्कि उपराज्यपाल (LG) का शासन था।

2022 की विफलता की याद दिलाई अब्दुल्ला ने अपने पोस्ट में लिखा, नड्डा जी, आपकी बात सही है कि पेपर लीक हुआ था, लेकिन तारीख गलत है। यह घटना 2022 में हुई थी, न कि हमारी सरकार के दौरान। उस समय प्रशासन सीधे केंद्र द्वारा नियुक्त उपराज्यपाल के अधीन था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इस विफलता की याद दिलाने के लिए शुक्रिया, लेकिन उस समय सरकार का नेतृत्व NC या कांग्रेस नहीं कर रही थी।

हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट पर खामोशी क्यों? मुख्यमंत्री ने इस मामले में बनी हाई-लेवल कमेटी की रिपोर्ट पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा, हमें नहीं पता कि उस जांच कमेटी का क्या हुआ। क्या आप अपनी अगली प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनता को बताएंगे कि उस रिपोर्ट का क्या नतीजा निकला? उन्होंने J&K हाई कोर्ट के उस आदेश का भी जिक्र किया, जिसमें Aptech Limited को दिए गए टेंडर को दुर्भावनापूर्ण (malafide) करार दिया गया था।

राजनीतिक घमासान: NEET बनाम JKSSB यह विवाद तब शुरू हुआ जब जेपी नड्डा ने NEET पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी के रुख को चुनिंदा बताते हुए उन पर निशाना साधा था। नड्डा ने कहा था कि राहुल गांधी सिर्फ उन राज्यों में आवाज उठाते हैं जहां विपक्ष की सरकार नहीं है, जबकि जम्मू-कश्मीर में हुए पेपर लीक पर वे चुप्पी साधे हुए हैं। नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।

कांग्रेस का पलटवार: व्हाटअबाउटिज्म का सहारा वहीं, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने नड्डा की प्रेस कॉन्फ्रेंस को व्हाटअबाउटिज्म करार दिया। रमेश ने आरोप लगाया कि सरकार अपने बचाव के लिए दूसरों पर आरोप मढ़ रही है। उन्होंने NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी पूरी तरह से अक्षम साबित हुई है और सुधार के लिए बनी राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को भी लागू करने में सरकार नाकाम रही है।

छात्रों का भविष्य दांव पर वर्ष 2022 में JKSSB द्वारा आयोजित सब-इंस्पेक्टर, जूनियर इंजीनियर और फाइनेंस अकाउंट्स असिस्टेंट की परीक्षाओं के नतीजों में गड़बड़ी के आरोप लगे थे। विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार को 1,200 सब-इंस्पेक्टर पदों सहित कई नियुक्तियों की सूची रद्द करनी पड़ी थी। अब मुख्यमंत्री द्वारा मांगी गई कमेटी की रिपोर्ट का स्पष्टीकरण यह तय करेगा कि मामले की फाइलें कहां दबी हुई हैं।

*

कुछ अन्य वेब स्टोरीज

Story 1

लॉक अप 2: हर्षद चोपड़ा ने शिवांगी जोशी को दिया बहन का दर्जा, शिल्पा शिंदे के साथ हुई तीखी बहस

Story 1

CWG 2026: ग्लासगो में खेलों का महाकुंभ, हाइड्रो एरीना में सजेगा ओपनिंग का भव्य मंच

Story 1

पीएम आवास के बाहर राहुल-प्रियंका के प्रदर्शन पर चिराग पासवान का तंज, बोले- छात्रों की आड़ में राजनीति कर रही कांग्रेस

Story 1

इंग्लैंड को IPL से आखिर इतनी नफरत क्यों? , दिनेश कार्तिक ने आलोचकों को दिया करारा जवाब

Story 1

86 में से 56 SDM एक ही जाति के: योगी ने खोली अखिलेश के दौर की भर्ती कुंडली

Story 1

‘लव बर्ड्स’ कहे जाने पर भड़के हर्षद चोपड़ा, शिवांगी की शादी और इमेज को लेकर शिल्पा शिंदे को सुनाई खरी-खोटी

Story 1

स्मार्ट प्लग और साइकिल की तीली से एटीएम हैक: अंतरराज्यीय गैंग के 4 सदस्य गिरफ्तार

Story 1

संसद में कांग्रेस बनाम अखिलेश : विपक्षी एकता में दरार या रणनीति का फर्क?

Story 1

विकसित भारत की नींव युवा: PM मोदी ने सचिवों के साथ मंथन में तय किया बदलाव का रोडमैप

Story 1

# हवाबाजी के चक्कर में महंगा पड़ा स्टंट, हाथ से फिसल गया कीमती फोन