देश भर में निवेश के नाम पर हजारों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले बहुचर्चित लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी (LUCC) घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने सागा ग्रुप के अहम सदस्य रवि शंकर तिवारी उर्फ रवि तिवारी को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
अदालत ने भेजी ईडी हिरासत में रवि तिवारी को 14 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। अगले दिन, 15 जुलाई को उसे दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे 10 दिनों की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। फिलहाल एजेंसी उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि निवेशकों का पैसा कहां-कहां ठिकाने लगाया गया और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोग कौन हैं।
कैसे फंसाया गया निवेशकों को? जांच में सामने आया है कि LUCC, लस्टीनेस जनहित क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी (LJCC) और ऑप्शन वन इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियों ने कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच दिया था। एजेंट्स के जरिए छोटे शहरों और गांवों के लोगों को निशाना बनाया गया। जब निवेशकों ने मैच्योरिटी पर अपना पैसा मांगा, तो उन्हें रकम नहीं मिली, जिससे इस महा-घोटाले की परतें खुलनी शुरू हुईं।
सागा ग्रुप और रवि तिवारी का काला खेल ईडी के अनुसार, रवि तिवारी साल 2009 से समीर अग्रवाल के नेतृत्व वाले सागा ग्रुप से जुड़ा था। समीर अग्रवाल इस समय विदेश में छिपा हुआ है। रवि तिवारी सागा ग्रुप की कई कंपनियों में वरिष्ठ पद पर था और निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए पूरी तरह सक्रिय था। पूछताछ में वह अपने और अपने परिवार के खातों में आए करोड़ों रुपये के स्रोतों का कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।
बेहिसाब संपत्ति का खुलासा जांच एजेंसी का आरोप है कि ठगी के पैसों का इस्तेमाल रवि तिवारी ने अपने और अपने परिवार के नाम पर मकान, फ्लैट, दुकानें और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदने के लिए किया। ईडी ने कई मुखौटा कंपनियों का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल अपराध के पैसे को ठिकाने लगाने और उसे छिपाने के लिए किया गया था। इस मामले में पहले भी कई संपत्तियां कुर्क की जा चुकी हैं।
जांच का दायरा बढ़ा यह घोटाला देश के कई राज्यों में फैला हुआ है। उत्तर प्रदेश से लेकर मध्य प्रदेश तक दर्जनों एफआईआर के बाद ईडी ने पूरे नेटवर्क की वित्तीय पड़ताल शुरू की है। अब तक की जांच में 30.51 लाख निवेशकों के साथ 10,314 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। ईडी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां और संपत्तियों की कुर्की की जा सकती है।
*ED, Headquarter Investigation Unit has arrested Ravi Shankar Tiwari @ Ravi Tiwari under PMLA, 2002 on 14.07.2026 in connection with an ongoing investigation in the case of Loni Urban Multi State Credit and Thrift Cooperative Society (LUCC) and others in a matter related to… pic.twitter.com/xSW3jpAMkk
— ED (@dir_ed) July 16, 2026
150 करोड़ की संपत्ति और शराब का खूनी खेल: पिता के मना करते ही बेटे ने गोलियों से भूना
पुरी रथ यात्रा में मातम: भारी भीड़ और उमस के बीच दम घुटने से एक की मौत, 100 से ज्यादा घायल
टी20 क्रिकेट में नामुमकिन हुआ मुमकिन: 270 रन का पीछा कर वॉशिंगटन फ्रीडम ने रचा इतिहास
खैबर पख्तूनख्वा में दहला पाकिस्तान: दो बड़े आतंकी हमलों में 3 पुलिसकर्मियों की मौत, 34 घायल
बचपन का वो जख्म जिसे सोहेल खान ने सालों तक छिपाए रखा
घर की सफाई में मिली 20 साल पुरानी SBI पासबुक, खाते में रकम देख चौंक जाएंगे आप!
HRTC बस में ही अंतिम सफर पर निकले सबके प्यारे कंडक्टर जेपी नेगी, हादसे के बाद भी थी उम्मीद
सिया गोयल के परिवार पर संकट: पुणे में गोदाम पर FDA का छापा, लाखों का सामान जब्त
बांकीपुर उपचुनाव से पहले पटना में पोस्टर वार: प्रशांत किशोर पर BJP का तीखा हमला, धन-सुराज का लगाया आरोप
लंदन में मचा छोले-भटूरे का शोर: पहले ही दिन उमड़ी ग्राहकों की भीड़, सड़क तक लगी लाइन