भारतीय सेना ने सीमा पार की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नज़र रखने के लिए एक महत्वाकांक्षी स्ट्रैटोस्फेरिक एयरशिप कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह तकनीक अंतरिक्ष के बिल्कुल करीब (समताप मंडल) रहकर निगरानी करने में सक्षम होगी।
अभी तक भारतीय सेना या तो ड्रोन का उपयोग करती है, जो ईंधन की कमी के कारण बार-बार वापस आते हैं, या उपग्रहों का, जो लगातार एक ही जगह पर नहीं टिक सकते। यह नया हाई एल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर महीनों तक हवा में तैरकर दुश्मन की हर गतिविधि पर बिना पलक झपकाए नज़र रखेगा।
यह एयरशिप सामान्य ड्रोन से कहीं ऊपर और उपग्रहों से कहीं नीचे काम करेगा। इसकी सबसे बड़ी शक्ति इसकी स्थायित्व है। इसे बार-बार ईंधन भरने के लिए नीचे नहीं आना पड़ेगा, जिससे यह दुश्मन के इलाके में स्थायी निगरानी के लिए एक अदृश्य जासूस की तरह काम करेगा।
इस एयरशिप में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक स्नूपिंग और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर लगे होंगे। यह दिन-रात और खराब मौसम में भी थर्मल इमेजिंग के जरिए दुश्मन के मूवमेंट को ट्रैक कर सकेगा। ग्राउंड कमांडर्स को इसके जरिए युद्धक्षेत्र की रियल-टाइम जानकारी मिलेगी, जिससे सेंसर-टू-शूटर श्रृंखला और अधिक सटीक हो जाएगी।
इस परियोजना को मेक-I श्रेणी के तहत आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके तहत सरकार प्रोटोटाइप विकसित करने की लागत का 70% खर्च खुद उठाएगी। रक्षा मंत्रालय ने घरेलू एयरोस्पेस फर्मों से आवेदन मांगे हैं, और बोलियां जमा करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त, 2026 तय की गई है।
भारत इस तकनीक पर पहले से काम कर रहा है। डीआरडीओ ने मध्य प्रदेश में 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक प्रायोगिक उड़ान का सफल परीक्षण कर अपनी क्षमता साबित की थी। अब निजी क्षेत्र के साथ मिलकर इसे एक पूर्ण सैन्य संपत्ति के रूप में विकसित करने की चुनौती है।
इस पहल का उद्देश्य भारत की सुरक्षा ग्रिड को इतना मजबूत बनाना है कि सीमा पर होने वाली छोटी से छोटी हलचल भी भारतीय सेना की नजरों से न बच सके।
🚨 🇮🇳भारत ने अपने बॉर्डर की निगरानी के लिए स्वदेशी स्ट्रैटोस्फेरिक एयरशिप परियोजना शुरू की, Drdo ने पिछले साल ही टेस्ट और ट्रायल किया था।
— Madhurendra kumar मधुरेन्द्र कुमार (@Madhurendra13) July 14, 2026
⚠️ परियोजना की प्रमुख बातें:
▪️ स्वदेशी हाई एल्टीट्यूड निगरानी एयरशिप विकसित करना है।
▪️ ये एयरशिप स्ट्रैटोस्फियर (लगभग 20 किमी/65,000 फीट… pic.twitter.com/QAOaPX05Dz
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