मिडिल ईस्ट में शांति की बची-खुची उम्मीदें अब बारूद के धुएं में ओझल हो गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर भीषण जंग छिड़ चुकी है। यह तनाव अब तीसरे विश्वयुद्ध की आहट बनकर पूरी दुनिया को डराने लगा है।
अमेरिका का 140 मिसाइलों से प्रहार अमेरिका ने ईरान के प्रमुख सामरिक ठिकानों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी तटीय इलाकों, बंदर अब्बास, सीरिक, केश्म द्वीप, असालुयेह और बुशेहर प्रांत जैसे महत्वपूर्ण नौसैनिक और परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया है। वाशिंगटन का लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमता को पूरी तरह पंगु बनाना है।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का दावा और अमेरिकी खंडन तनाव के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दुनिया की सबसे संवेदनशील समुद्री लाइफलाइन होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरान का दावा है कि उसने एक जहाज को जब्त किया है। हालांकि, अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे फेक न्यूज़ करार दिया है। अमेरिका का कहना है कि यह जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खुला है और वह नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैनात है।
ईरान की जवाबी धमकी: अब कोई संयम नहीं ईरान भी झुकने को तैयार नहीं है। ईरानी सेना के प्रवक्ता ने यूएई, सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन, जॉर्डन और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की सीधी चेतावनी दी है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसके लिए संयम का समय समाप्त हो चुका है और अब वह अमेरिकी हितों और बुनियादी ढांचे को कड़ी टक्कर देगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराया संकट यह जंग अब केवल दो देशों का टकराव नहीं रह गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल व्यापार का प्रमुख केंद्र है। यदि यह मार्ग पूरी तरह बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल का भीषण संकट पैदा हो सकता है। महंगाई आसमान छू सकती है और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला ठप हो सकती है।
इतिहास दोहरा रहा है खुद को? याद रहे कि इससे पहले भी दोनों देशों के बीच 111 दिनों तक चली जंग ने दुनिया को दहला दिया था। कुछ महीनों की शांति के बाद फिर भड़की यह आग अब वाशिंगटन और तेहरान के सीधे टकराव में बदल चुकी है। तबाही का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस महायुद्ध को समय रहते रोका जा सकेगा?
The Strait of Hormuz is open to all vessels seeking to lawfully transit the international waterway. U.S. forces are positioned and prepared to ensure that freedom of navigation remains available despite unwarranted Iranian aggression, harassment, threats, and arbitrary… pic.twitter.com/FS3TUBOZEj
— U.S. Central Command (@CENTCOM) July 12, 2026
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