मानसून की विकराल रफ्तार: MP से लेकर मुंबई तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें आपके शहर का हाल
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देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब अपने चरम पर है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले 2-3 दिनों में यह पूरे भारत को कवर कर लेगा। फिलहाल, उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे उत्तर प्रदेश पर बने सुस्पष्ट निम्न दबाव (Well Marked Low Pressure Area) के कारण कई राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।

मध्य प्रदेश पर सबसे बड़ा खतरा

मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के लिए सबसे गंभीर चेतावनी जारी की है। राज्य के पश्चिमी हिस्सों—इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम, धार, झाबुआ और खरगोन में आज अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) की आशंका है। देवास में पिछले 24 घंटों में 15 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यहां फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।

मुंबई और कोंकण: बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी

मुंबई, ठाणे, रायगढ़ और गोवा में मानसून पूरी ताकत से सक्रिय है। रायगढ़ के माथेरान में 36 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विभाग ने मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भारी जलभराव और स्थानीय बाढ़ की चेतावनी दी है। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का भी डर है। लोगों को अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-NCR में मिलेगी उमस से राहत

दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। आज और कल राजधानी में बादल छाए रहेंगे और गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना है। 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाएं तापमान को 32-34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रखेंगी, जिससे भीषण उमस से राहत मिलेगी। हालांकि, बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।

राजस्थान, यूपी और पंजाब में कब होगी बारिश?

मानसून की रेखा अब बाड़मेर, जोधपुर, चूरू और भटिंडा तक पहुंच गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 2-3 दिनों में राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों में भी मानसून दस्तक दे देगा। उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले कई दिनों तक रुक-रुक कर अच्छी बारिश होती रहेगी।

पूर्वोत्तर में रेड अलर्ट जैसी स्थिति

पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर असम, मेघालय, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के लिए चिंताजनक स्थिति बनी हुई है। यहां अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और जलभराव के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

9 जुलाई के बाद क्या बदलेगा मौसम?

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 9 जुलाई के बाद देश के मध्य हिस्सों में बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है। हालांकि, उत्तर भारत, पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसूनी गतिविधियां अगले कुछ दिनों तक सक्रिय बनी रहेंगी। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील की है।

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