अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर उपजे चंदा घोटाला विवाद के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। सोमवार को आयोजित ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र का इस्तीफा आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया गया है।
चंपत राय और अनिल मिश्र का इस्तीफा मंजूर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने प्रेस वार्ता में इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत उक्त जिम्मेदारियों से चंपत राय और अनिल मिश्र को मुक्त कर दिया गया है। फिलहाल, ट्रस्ट के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया है।
कौन हैं कृष्ण मोहन? कृष्ण मोहन का नाम तब चर्चा में आया था, जब उन्होंने राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सबसे पहले एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी। उनकी शिकायत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया था।
वे भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्वी उत्तर प्रदेश के संघ चालक के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
व्यवस्था में कमियों का उठाया गया फायदा पदभार संभालने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि जब तक नया महासचिव नियुक्त नहीं होता, वे इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। उन्होंने स्वीकार किया कि ट्रस्ट के प्रबंधन और कामकाज में कुछ कमियां थीं, जिसका गलत लाभ उठाया गया।
उन्होंने स्पष्ट किया, मेरा मुख्य लक्ष्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना और सिस्टम की खामियों को सुधारना होगा। राम भक्तों की आस्था को ठेस पहुंची है, जिसे देखते हुए हम दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए अपनी बात पर अडिग रहेंगे।
ट्रस्ट की साख बचाने की चुनौती कृष्ण मोहन ने माना कि हालिया विवादों ने ट्रस्ट की छवि को नुकसान पहुँचाया है और समाज में अविश्वास की स्थिति पैदा की है। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता इस नकारात्मकता को दूर करना और राम भक्तों के बीच ट्रस्ट की खोई हुई विश्वसनीयता को फिर से बहाल करना है।
चंदा चोरी मामले के बाद हुई ट्रस्ट की यह पहली बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि कृष्ण मोहन किस तरह मंदिर निर्माण और ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाते हैं।
*Ram Mandir donation embezzlement case: The resignations of Champat Rai (General Secretary) and Anil Mishra (Trustee) have been accepted, says Swami Govind Dev Giri Ji Maharaj, Treasurer of the Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust pic.twitter.com/La4OINowQ8
— ANI (@ANI) July 6, 2026
Jr NTR की फिल्म विवादों में: भगवान मुरुगन के इतिहास से छेड़छाड़ का आरोप, तमिलनाडु में बैन की मांग
इंडिया ओपन में बंदरों का हस्तक्षेप : हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा- केला खिलाओ और खेल जारी रखो
भूपेश बघेल के दौरे से पहले पंजाब कांग्रेस में शक्ति प्रदर्शन, क्या वडिंग अलग-थलग पड़ गए?
बारुईपुर में नाबालिग से दरिंदगी और हत्या: ममता के हाउस अरेस्ट के दावे से गरमाई बंगाल की सियासत
ठाकुरगंज मॉडल स्कूल: सिर्फ नाम के ‘मॉडल’, न अपना भवन, न पूरे शिक्षक
प्यार में वीरू बना युवक: 72 फीट ऊंचे हाई-टेंशन टावर पर चढ़ा, 5 घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा
ब्राजील का विजेता रद हुआ चूर: नॉर्वे की ऐतिहासिक जीत के बाद सड़कों पर मचा वाइकिंग कोहराम
भारत हमारी मदद करे, यहाँ खाने का संकट है : PoK में मचा हाहाकार, जनता ने LoC खोलने की उठाई मांग
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे ठप, ट्रेनों का पहिया थमा: भारी बारिश ने महाराष्ट्र में मचाई तबाही
नितिन नवीन पर केजरीवाल के सवाल का पीएम मोदी ने दिया जवाब, बताई साधगी वाली कहानी